सारण में पहली बार दर्द-रहित नॉर्मल डिलीवरी, जानिए कैसे बिना ज्यादा दर्द के हुआ सुरक्षित प्रसव

Saran District Hospital : सारण जिला अस्पताल ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है. यहां पहली बार एपिड्यूरल एनाल्जेसिया तकनीक की मदद से दर्द-रहित नॉर्मल डिलीवरी कराई गई.

Saran District Hospital : बिहार के सारण जिला अस्पताल ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है. यहां पहली बार एपिड्यूरल एनाल्जेसिया तकनीक की मदद से दर्द-रहित नॉर्मल डिलीवरी कराई गई. प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और एनेस्थीसिया विभाग के संयुक्त प्रयास से यह सफल प्रक्रिया पूरी हुई. स्वास्थ्य विभाग ने इसे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है.

क्या है पूरा मामला

सारण जिला अस्पताल में पहली बार एपिड्यूरल एनाल्जेसिया तकनीक की सहायता से एक महिला की दर्द-रहित नॉर्मल डिलीवरी सफलतापूर्वक कराई गई. यह प्रक्रिया प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा एनेस्थीसिया विभाग के समन्वित प्रयास से पूरी हुई. स्वास्थ्य विभाग ने इसे अस्पताल और चिकित्सकों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है.

एपिड्यूरल एनाल्जेसिया क्या है

एपिड्यूरल एनाल्जेसिया एक आधुनिक दर्द-निवारक तकनीक है, जिसका उपयोग सामान्य प्रसव के दौरान होने वाले दर्द को काफी हद तक कम करने के लिए किया जाता है. इस प्रक्रिया में रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से के एपिड्यूरल स्पेस में एक पतली कैथेटर के माध्यम से दवा दी जाती है. इससे प्रसव पीड़ा कम हो जाती है और महिला सामान्य रूप से प्रसव प्रक्रिया में सहयोग कर सकती है.

प्रसव के दौरान महिला रहती है पूरी तरह होश में

इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रसूता पूरी तरह बेहोश नहीं होती. वह पूरे समय होश में रहती है और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करते हुए सामान्य प्रसव के लिए स्वयं प्रयास कर सकती है. इससे सुरक्षित और नियंत्रित प्रसव कराने में चिकित्सकों को भी सुविधा मिलती है.

जरूरत पड़ने पर सिजेरियन में भी मिलती है मदद

चिकित्सकों के अनुसार यदि प्रसव के दौरान किसी कारणवश सिजेरियन ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ जाए, तो उसी एपिड्यूरल कैथेटर के माध्यम से एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन भी किया जा सकता है. इससे अलग से एनेस्थीसिया देने की जरूरत कम हो जाती है और समय की भी बचत होती है.

सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि

सारण जिला अस्पताल में इस तकनीक की शुरुआत सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इससे भविष्य में अधिक महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और कम दर्द वाले सामान्य प्रसव का लाभ मिलने की उम्मीद है.

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By साक्षी कुमारी

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