सारण में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, 1735 राजस्व ग्रामों का डेटा अपलोडिंग कार्य पूरा

सारण जिले में 2027 की जनगणना के लिए जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (DCHB) के आंकड़ों की अपलोडिंग पूरी कर ली गई है. कुल 1735 राजस्व ग्रामों का डेटा 588 फील्ड फंक्शनरीज ने मोबाइल ऐप से जमा किया. अब शुद्धता और प्रमाणिकता की जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

Saran Census News: भारत की जनगणना 2027 के तहत तैयार की जा रही जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) के आंकड़ों की अपलोडिंग का कार्य सारण जिले में पूरा कर लिया गया है. जिला पदाधिकारी सह जिला जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर जिले के 1735 राजस्व ग्रामों का डेटा कुल 588 फील्ड फंक्शनरीज ने मोबाइल ऐप के माध्यम से सबमिट किया है.

जिले के कुल 30 शहरी और ग्रामीण चार्ज के अंतर्गत यह कार्य निर्धारित अंतिम तिथि से एक दिन पहले पूरा कर लिया गया. अब अपलोड किए गये आंकड़ों की शुद्धता, प्रमाणिकता और गुणवत्ता की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

आंकड़ों की शुद्धता और प्रमाणिकता की जांच शुरू

चार्ज अधिकारी स्तर पर डेटा की जांच का कार्य शुरू किया गया है. इसी क्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार के सहायक निदेशक अंगद सिंह ने रविवार को सारण जिले का दौरा कर अपलोड किए गये आंकड़ों की समीक्षा की.

सहायक निदेशक ने एकमा बाजार नगर पंचायत, एकमा प्रखंड और मांझी नगर पंचायत चार्ज का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने राजस्व ग्रामवार संकलित आंकड़ों के फाइनल सबमिशन की स्थिति देखी. उन्होंने आंकड़ों के स्रोत की जांच करने और वास्तविक आंकड़ों का पोर्टल पर अपलोड डेटा से मिलान करने का निर्देश दिया.

क्रॉस चेकिंग के बाद ही डेटा करें अप्रूव

सहायक निदेशक अंगद सिंह ने चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र पदाधिकारियों की ओर से पोर्टल पर अपलोड किये गये प्रत्येक आंकड़े की क्रॉस चेकिंग कर उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित की जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच से संतुष्ट हुए बिना किसी भी डेटा को अंतिम रूप से अप्रूव नहीं किया जाए.

पहले चरण में चार्ज अधिकारी सभी ग्रामवार डेटा को वर्ष 2011 के आंकड़ों से अंतर के आधार पर फिल्टर करेंगे. इसके बाद विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों और पोर्टल पर अपलोड डेटा का मिलान किया जाएगा.

दूसरे चरण में सभी अंतर को एक साथ चिन्हित कर फील्ड फंक्शनरीज को रिवर्ट किया जाएगा. अधिकारियों को बताया गया कि रिवर्ट का कार्य केवल एक बार किया जा सकता है. इसके बाद डेटा सीधे सर्वर पर चला जाएगा. इसलिए इस प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है.

भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होंगे आंकड़े

सहायक निदेशक ने कहा कि डीसीएचबी के आंकड़े भविष्य की योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण आधार होंगे. ऐसे में आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

उन्होंने चार्ज अधिकारियों को अंतिम अप्रूवल के संबंध में निदेशालय के निर्देश का इंतजार करने को कहा.

डेटा जांच के बाद मैप पर होगी मार्किंग

डीसीओ सह जिला नोडल पदाधिकारी अदिति आनंद और सहयोगी पदाधिकारी आयुषी सिंह ने प्रत्येक चार्ज को दिल्ली से प्राप्त वर्किंग मैप पर स्थानीय जनसुविधाओं की इंडेक्स नंबरिंग के माध्यम से स्थलीय मार्किंग कराने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि ग्राम और नगर निर्देशिका के डेटा की जांच पूरी होने के बाद ही मैप पर मार्किंग का कार्य किया जाए. इससे गलतियों की संभावना कम होगी.

शून्य त्रुटि के साथ डीसीएचबी तैयार करने का लक्ष्य

अधिकारियों ने कहा कि सारण के जिला जनगणना हस्तपुस्तिका को शून्य त्रुटि के साथ आदर्श और उदाहरण के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

मौके पर एकमा बीडीओ डॉ. अरुण कुमार, एकमा बाजार व मांझी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल राज सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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By Nadim ahmad

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