Rohini Acharya: जमुई के मड़वा पहाड़ी इलाके में 19 सितंबर को कोचिंग से लौट रहे 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों के साथ कथित बदसलूकी और छेड़खानी की घटना को लेकर सारण लोकसभा की पूर्व प्रत्याशी डॉ. रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने घटना को लेकर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपने पूर्व दिए बयान के आधार पर इस्तीफे की मांग की है.
जमुई मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है. पुलिस के अनुसार, मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया है.
पूर्व बयान का हवाला देकर मुख्यमंत्री से किया सवाल
सारण जिला राजद के पूर्व प्रवक्ता हरेलाल यादव की ओर से जारी बयान में रोहिणी आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में कहा था कि यदि रात में गांव में घूमते समय किसी ने किसी महिला या लड़की को छू दिया तो वह अगले दिन इस्तीफा दे देंगे. रोहिणी ने सवाल उठाया कि जमुई की घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री अपने उस बयान पर कायम क्यों नहीं हैं.
महिला और छात्राओं की सुरक्षा का उठाया मुद्दा
रोहिणी आचार्य ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं और छात्राओं से जुड़ी घटनाओं को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए और कानून-व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए.
उन्होंने पटना में जहानाबाद की एक नीट छात्रा की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले का भी उल्लेख किया. रोहिणी ने कहा कि पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है. उन्होंने सीबीआई जांच के मुद्दे पर भी सरकार से सवाल किया.
सरकार की जवाबदेही पर उठाये सवाल
रोहिणी आचार्य ने कहा कि यदि सरकार छात्र-छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल है, तो मुख्यमंत्री को अपने पूर्व कथन के अनुरूप पद छोड़ देना चाहिए. उनका यह बयान जमुई की घटना को लेकर विपक्ष की ओर से सरकार पर किए जा रहे राजनीतिक हमले का हिस्सा है.
जमुई मामले में पुलिस की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.
