saran news : रामनगर स्टेट फर्जी डीड मामले में कर्मचारी, सीओ, रजिस्ट्रार व एडीएम ने सौंपी अपनी-अपनी रिपोर्ट

saran news : जिलाधिकारी ने 28 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपने का दिया था आदेश, सारण में फर्जी डीड बनाकर जालसाजी करने वालों की तैयार हो रही है लिस्ट

छपरा. रामनगर स्टेट फर्जी डीड मामले में जिलाधिकारी द्वारा मांगी गयी रिपोर्ट अधिकारियों ने उन्हें सौंप दी है और अब जल्द ही कार्रवाई भी सामने आ जायेगी. जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी तक हर लेवल से रिपोर्ट गयी है. इसमें अंचल कर्मी, अंचल अधिकारी, रजिस्ट्रार, एडीएम ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने भी दस्तावेज को फर्जी पाया है और अब निश्चित तौर पर फर्जीवाड़ा करने वालों पर कार्रवाई होगी.

रजिस्ट्रार ने एक बार फिर लोगों को किया आगाह

जिला निबंधन कार्यालय के रजिस्ट्रार ने एक बार फिर सभी रैयत और जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों को आगाह किया है. उन्होंने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि सभी निबंधित दस्तावेजों का एक निश्चित दस्तावेज संख्या डीड नंबर होता है. एक निश्चित साल में एक दस्तावेज संख्या से एक ही दस्तावेज की रजिस्ट्री हो सकती है. कार्यालय द्वारा एक ही नंबर के एक से अधिक दस्तावेजों की रजिस्ट्री संभव नहीं है, अगर कोई स्वार्थी तत्व कार्यालय से इतर एक ही नंबर के अलग दस्तावेज बना कर किसी पक्षकार को प्रस्तुत करते हैं, तो इसकी जांच निबंधन कार्यालय अभिलेखागार से करा कर इसकी सत्यता जांच सकते हैं, ताकि गलत करने वालों पर कार्रवाई की जा सके.

जमीन रजिस्ट्री के वक्त नहीं हो पाती है मालिकाना हक की जांच

दस्तावेजों के निबंधन के समय टाइटल यानि भूमि के मालिकाना हक की जांच नहीं की जा सकती है. ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के अनुसार किस टाइटल के आधार पर पक्षकार द्वारा निबंधन कराया जा रहा है के सत्यता की जिम्मेदारी पक्षकार की ही होती है. अतः पक्षकारों द्वारा क्रय-विक्रय से पहले दस्तावेज की जांच कर इससे भलीभांति संतुष्ट हो जाना चाहिए.

रिकॉर्ड रूम को किया जा रहा है दुरुस्त

अभिलेखों की सुरक्षा और बेहतर रखरखाव के लिए निम्नलिखित कदम उठाये जाते रहे हैं. 2023 में ही अभिलेखागार में बुक स्कैनर लगाया गया, ताकि छायाप्रति के लिए बाहर फोटोकॉपी मशीन पर नहीं भेजना पड़े और इसकी स्कैनिंग भी सुरक्षित रूप से हो सके. अभिलेखागार के दस्तावेजों की स्कैनिंग और इंडेक्सिंग करायी जा रही है. अभिलेखागार का सिक्योरिटी ऑडिट भी कराया गया है और इसके अनुसार सीसीटीवी तथा सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था भी की गयी है. जिल्द की सूची बनायी गयी है तथा उन्हें क्रमबद्ध तरीके से अभिलेखागार में लगाया है. सभी शेष जिल्द का सत्यापन किया जा रहा है. अभिलेखों की सतत देखरेख और पर्यवेक्षण किया जा रहा है.

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Published by: Shailesh kumar

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