Recognition of four JPU colleges cancelled: जयप्रकाश विश्वविद्यालय से संबद्ध चार डिग्री कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी गई है. इनमें सारण जिले के डॉ. भूषण प्रसाद यादव डिग्री कॉलेज महमदा, कोऑपरेटिव डिग्री कॉलेज सगड्डी, आरडीएम डिग्री कॉलेज राठौर टोला तथा सीवान जिले के भीमराव अंबेडकर डिग्री कॉलेज बड़हरिया शामिल हैं.
इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जयप्रकाश विश्वविद्यालय को पत्र भेजा गया है. साथ ही इन कॉलेजों में नामांकित छात्र-छात्राओं को नजदीकी कॉलेजों में शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया है. बताया जा रहा है कि इन कॉलेजों को सीनेट और सिंडिकेट की मंजूरी के बिना ही संबद्धता दी गई थी. जांच में यह मामला सामने आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने संबद्धता रद्द करने का निर्णय लिया है.
बिना सीनेट-सिंडिकेट की मंजूरी दी गयी थी संबद्धता
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत करीब 14 कॉलेजों को नवसंबद्धता प्रदान की गई थी. इनमें कई ऐसे कॉलेज भी शामिल थे, जो पहले से संचालित हो रहे थे और उन्हें संबद्धता का एक्सटेंशन दिया गया था. इसके बाद स्नातक के वर्तमान सत्र में कुछ कॉलेजों में दाखिला भी लिया गया.
नियम के अनुसार किसी भी कॉलेज को संबद्धता देने से पहले विश्वविद्यालय के सिंडिकेट और सीनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलना आवश्यक है. लेकिन जांच में सामने आया कि इन चार कॉलेजों के संबद्धता प्रस्ताव में सीनेट या सिंडिकेट की अनुशंसा नहीं मिली. इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने संबद्धता रद्द करने का निर्णय लिया.
चार में से तीन कॉलेजों में इस सत्र नहीं हुआ दाखिला
जयप्रकाश विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. राणा विक्रम सिंह ने बताया कि जिन चार कॉलेजों की मान्यता रद्द की गई है, उनमें से तीन कॉलेजों में इस सत्र के लिए दाखिला नहीं हुआ है. केवल एक कॉलेज में ही इस सत्र में नामांकन लिया गया है.
उन्होंने कहा कि छात्रों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है. सभी नामांकित छात्र-छात्राओं को नजदीकी कॉलेज में शिफ्ट किया जाएगा. जानकारी के अनुसार आरडीएम डिग्री महाविद्यालय राठौर टोला में ही इस सत्र में नामांकन हुआ है. अन्य तीन कॉलेजों में इस सत्र में दाखिला नहीं लिया गया है.
वहीं, पूर्व के सत्रों में इन कॉलेजों में नामांकित छात्र-छात्राओं को भी नजदीकी कॉलेज में शिफ्ट किया जाएगा, जहां उनका पठन-पाठन संचालित होगा.
डीएसडब्ल्यू ने बताया कि पूर्व में भी कई कॉलेजों की मान्यता रद्द की गई थी. इसके बाद राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में संबंधित कॉलेजों के छात्रों को दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किया गया था.
उन्होंने कहा कि संबद्धता रद्द किए जाने का पत्र शनिवार की देर शाम जारी होने की जानकारी मिली है. रविवार को विश्वविद्यालय में अवकाश था. ऐसे में सोमवार को विश्वविद्यालय खुलने के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी.
विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल
चार डिग्री कॉलेजों की मान्यता रद्द किए जाने के बाद जयप्रकाश विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं. विश्वविद्यालय से जुड़े कई शिक्षक संगठनों और छात्र संगठनों का कहना है कि नवसृजित महाविद्यालयों को संबद्धता देने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया विधिसम्मत नहीं थी.
संगठनों का कहना है कि जब इन कॉलेजों को संबद्धता देने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर जांच प्रक्रिया चल रही थी, तब कुछ वरीय प्राध्यापकों ने लिखित रूप से इन महाविद्यालयों की जांच में जाने से इनकार किया था. स्नातकोत्तर शिक्षक संघ ने भी प्रतिवेदन देकर इसका विरोध किया था. संघ की ओर से संबद्धता के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को गलत और नियम विरुद्ध बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया था.
21 मई के पत्र को लेकर भी उठे सवाल
जानकारी के अनुसार 21 मई 2026 को जयप्रकाश विश्वविद्यालय की ओर से एक पत्र जारी किया गया था. इसमें कहा गया था कि इन कॉलेजों को सत्र 2026-30 में नामांकन की अनुमति इस शर्त के साथ दी जाती है कि उच्च शिक्षा विभाग अपने पोर्टल पर आवेदन अपलोड करने की तिथि विस्तारित कर दे.
पत्र में यह भी कहा गया था कि यदि बिहार सरकार से पुनः संबद्धता प्राप्त नहीं होती है, तो इन महाविद्यालयों में नामांकित छात्रों को दूसरे महाविद्यालयों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा.
छात्र संगठनों का सवाल है कि जब इन कॉलेजों को संबद्धता देने के लिए सीनेट और सिंडिकेट से मंजूरी नहीं मिली थी, तो आखिर किन परिस्थितियों में और किसके स्तर से इन कॉलेजों में नामांकन की अनुमति से संबंधित पत्र जारी किया गया था. अब चार कॉलेजों की संबद्धता रद्द होने के बाद इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय की प्रक्रिया पर सवाल और तेज हो गए हैं.
