सारण : मढ़ौरा की बंद चीनी मिल फिर खुलेगी? 31 अगस्त को धरना-प्रदर्शन का ऐलान, जानें पूरा प्लान

Marhaura Sugar Mill : मढ़ौरा की बंद चीनी मिल को उसी स्थान पर फिर से चालू कराने की मांग ज़ोर पकड़ रही है. स्वतंत्रता दिवस पर हुई बैठक में 31 अगस्त को अनुमंडल परिसर में धरना-प्रदर्शन और सरकार को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया है. यह आंदोलन किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए है.

Marhaura Sugar Mill : सारण के मढ़ौरा में बंद चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बंद चीनी मिल परिसर में संघर्ष समिति की बैठक हुई. इस दौरान समिति के सदस्यों ने मिल को यहीं फिर से चालू कराने के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया. समिति ने 31 अगस्त को अनुमंडल परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने और बिहार सरकार को ज्ञापन सौंपने का फैसला किया है.

बंद चीनी मिल परिसर में हुआ ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को बंद मढ़ौरा चीनी मिल परिसर में संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक के दौरान दर्जनों समिति सदस्यों की मौजूदगी में विष्णु गुप्ता ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी.

मिल को दोबारा शुरू कराने का लिया संकल्प

बैठक की अध्यक्षता दिलीप साह ने की. समिति के सूत्रधार वीर आदित्य ने मौजूद सदस्यों को मढ़ौरा की बंद चीनी मिल को इसी स्थान पर दोबारा शुरू कराने के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने की शपथ दिलाई. सदस्यों ने भी मिल को लेकर आंदोलन जारी रखने पर सहमति जताई.

31 अगस्त को अनुमंडल परिसर में होगा धरना

बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 31 अगस्त को मढ़ौरा अनुमंडल परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से बिहार सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा. समिति ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की है.

डीएम आवास के सामने प्रदर्शन की भी तैयारी

संघर्ष समिति ने आगे जिला मुख्यालय में डीएम आवास के समक्ष प्रदर्शन करने का भी फैसला लिया है. इसके अलावा मढ़ौरा में एक बड़ी महारैली आयोजित करने की योजना बनाई गई है. समिति का कहना है कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा.

किसानों और मजदूरों के हित की बात

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मढ़ौरा की चीनी मिल क्षेत्र के किसानों और मजदूरों से जुड़ी रही है. बंद मिल को दोबारा शुरू कराने का उद्देश्य किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा करना है. वक्ताओं ने मढ़ौरा की औद्योगिक पहचान को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही.

औद्योगिक पहचान बचाने का दावा

समिति के सदस्यों का कहना है कि चीनी मिल की बंदी से मढ़ौरा की औद्योगिक पहचान प्रभावित हुई है. मिल को फिर से चालू कराने की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. समिति अब सरकार के समक्ष अपनी मांग को विभिन्न चरणों में रखने की तैयारी कर रही है.

बैठक में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में अतुल सिंह, आलोक सिंह, अश्विनी कुमार, जयराम राय, बीरेंद्र सिंह, युवराज भास्कर और चित्रमणि कुमार सिंह सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे. सभी ने मढ़ौरा चीनी मिल को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही.

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By मनोकामना सिंह

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