Saran News : दरियापुर. मही नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से दरियापुर प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. पट्टीपुल के पास कई घरों में नदी का पानी घुस गया है. प्रभावित परिवारों ने बांध और फोरलेन सड़क पर शरण लेनी शुरू कर दी है. लोगों के सामने खाने-पीने और रहने की समस्या खड़ी हो गई है.
मही नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा
मही नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदी के निचले इलाके में बड़ी संख्या में गरीब और दलित परिवार वर्षों से घर बनाकर रह रहे हैं. इनमें कई परिवारों के मकान फूस के हैं. अधिकांश परिवार रोज मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. बाढ़ का पानी घरों में घुसने के बाद उनकी रोजी-रोटी भी प्रभावित हो गई है.
राहत के इंतजार में बाढ़ प्रभावित परिवार
स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी बढ़ने के बावजूद अभी तक सरकारी स्तर पर प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाई है. घरों में पानी घुसने के कारण लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं. बांध और फोरलेन सड़क पर शरण लेने वाले परिवारों के सामने भोजन और रहने की परेशानी बनी हुई है.
गंडक नदी के कटाव से भी बढ़ी चिंता
गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रखंड के कई इलाकों में कटाव शुरू हो गया है. कोन्हवा, तुर्की, बेलहर और बरुआ समेत आसपास के क्षेत्रों में नदी के कटाव की स्थिति बनी हुई है. दियारा क्षेत्र में लगी मक्का, सब्जी और धान की फसलें भी बाढ़ के पानी में डूब गई हैं.
बांधों पर बढ़ रहा पानी का दबाव
गंडकी और सुखमयी नदियों का पानी भी तेजी से बढ़ रहा है. इससे क्षेत्र के बांधों पर दबाव बढ़ गया है. सेमरहिया, जलालपुर, पुरदिलपुर, पथरा, विश्वम्भरपुर और कोठियां समेत कई गांवों के पास बांध पर पानी का दबाव अधिक बताया जा रहा है. कुछ स्थानों पर बांध से पानी रिसने की भी सूचना है.
दो-तीन दिनों में बाढ़ की आशंका
नदियों के जलस्तर में इसी तरह लगातार वृद्धि होती रही तो आने वाले दो-तीन दिनों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है. इससे प्रखंड के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. स्थानीय लोग प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और बांधों की निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.
