Madhaura Sugar Mill: मढ़ौरा की बंद पड़ी चीनी मिल को अन्यत्र ले जाने के बजाय यहीं पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर सोमवार को अनुमंडल कार्यालय के समीप एक दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा. धरने को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के उद्देश्य से रविवार की शाम आंदोलनकारियों की टीम ने मढ़ौरा बाजार में जागरूकता रैली निकाली.
रैली के दौरान आंदोलनकारी शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे. उन्होंने दुकानदारों और आम नागरिकों से इस अहम मांग के समर्थन में अधिक से अधिक संख्या में धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की. आंदोलनकारियों ने लोगों को चीनी मिल के पुनर्जीवन की मांग के महत्व से भी अवगत कराया.
स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास से जुड़ा मुद्दा
वक्ताओं ने कहा कि मढ़ौरा चीनी मिल का मुद्दा केवल एक बंद उद्योग को दोबारा शुरू कराने तक सीमित नहीं है. यह क्षेत्र के आर्थिक विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण विषय है. चीनी मिल के पुनर्जीवित होने से क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, कारोबारियों और अन्य लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है.
आंदोलनकारियों ने लोगों से अपील की कि वे क्षेत्र के हित में इस आंदोलन को अपना समर्थन दें और सोमवार को आयोजित धरने में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें.
धरने को सफल बनाने में जुटे आंदोलनकारी
जागरूकता रैली और सोमवार के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की तैयारियों में स्थानीय लोग जुटे हुए हैं. अभियान में विष्णु गुप्ता, दिलीप साह, वीर आदित्य कुमार, जय राम राय, छठी लाल चौरसिया, आलोक कुमार और बीरेंद्र कुमार सहित कई अन्य लोगों ने सक्रिय भूमिका निभायी.
आंदोलनकारियों ने कहा कि मढ़ौरा चीनी मिल को किसी अन्य स्थान पर ले जाने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही पुनर्जीवित किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सके.
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