JPU Guest Assistant Professor: जयप्रकाश विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ ने राज्यपाल की घोषणा का स्वागत करते हुए प्रस्तावित सेवा नियमितीकरण अधिकार यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है.
पटना में जुटे सैकड़ों अतिथि सहायक प्राध्यापक
संघ के अनुसार, 25 अगस्त को बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों से सैकड़ों अतिथि सहायक प्राध्यापक पटना पहुंचे थे. इस दौरान सरकार के सकारात्मक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया. साथ ही मीडिया के माध्यम से सरकार से अतिथि सहायक प्राध्यापकों की प्रमुख मांग पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया.
नियमितीकरण और समायोजन की मांग पर कायम संघ
संघ ने कहा कि अतिथि सहायक प्राध्यापकों की एकमात्र प्रमुख मांग सेवा का नियमितीकरण और समायोजन है. संघ का कहना है कि शिक्षकों को बार-बार होने वाली नवीनीकरण प्रक्रिया से मुक्त किया जाना चाहिए.
राज्यपाल की घोषणा के अनुसार 15 दिनों में गठित होने वाली समिति न्यूनतम वेतन एवं डीए, एकसमान नवीनीकरण तथा 65 वर्ष तक सेवा जैसे मुद्दों पर विचार करेगी.
कहा- नवीनीकरण नहीं, नियमितीकरण ही स्थायी समाधान
संघ का स्पष्ट मत है कि केवल नवीनीकरण से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. सेवा का नियमितीकरण और समायोजन ही अतिथि सहायक प्राध्यापकों के लिए स्थायी समाधान है.
संघ ने यह भी कहा कि बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति द्वारा पूर्व में अतिथि शिक्षकों की सेवा नियमितीकरण और समायोजन की अनुशंसा की गयी थी. इस अनुशंसा को भी गठित होने वाली समिति के समक्ष रखा जाना चाहिए.
बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष डॉ. हरिमोहन कुमार पिंटू, डॉ. इंद्रकांत बबलू, डॉ. साने अली, डॉ. जितेंद्र कुमार एवं डॉ. शशि कुमार सहित बड़ी संख्या में अतिथि सहायक प्राध्यापक उपस्थित रहे.
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