Saran News : फरक्का जलसंधि को लेकर बिहार के जल अधिकारों के मुद्दे पर जदयू ने आगामी कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी है. छह अक्टूबर को सारण में आयोजित होने वाले फरक्का जलसंधि पर नीतीश संवाद की तैयारियों को लेकर मंगलवार को छपरा परिसदन सभागार में बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष बैद्यनाथ प्रसाद सिंह विकल ने की. कार्यक्रम का प्रभारी मांझी विधायक रंधीर सिंह को बनाया गया है.
बिहार की जल जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात
बैठक को संबोधित करते हुए कार्यक्रम प्रभारी विधायक रंधीर सिंह ने कहा कि बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए फरक्का जलसंधि के वर्तमान स्वरूप पर विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि दिसंबर 1996 में हुई गंगा जल बंटवारा संधि की 30 वर्ष की अवधि दिसंबर 2026 में पूरी हो रही है. ऐसे में किसी भी नयी व्यवस्था में बिहार की वर्तमान और भविष्य की जल जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
2050 तक की जरूरतों को ध्यान में रखने की मांग
विधान पार्षद डॉ. वीरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि बिहार को उसके जल अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता. उन्होंने बढ़ती आबादी के साथ सिंचाई, पेयजल, उद्योग और पर्यावरण से जुड़ी जरूरतों का उल्लेख करते हुए कहा कि जल नीति तैयार करते समय कम-से-कम वर्ष 2050 तक की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए.
गाद और बाढ़ की समस्या का भी मुद्दा उठाया
जदयू जिलाध्यक्ष बैद्यनाथ प्रसाद सिंह विकल ने फरक्का बैराज से जुड़ी गाद और बाढ़ की समस्या का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि नीतीश संवाद का उद्देश्य किसी राज्य या देश के खिलाफ माहौल बनाना नहीं है, बल्कि बिहार के जल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और राज्य की मांग को सामने रखना है.
छह अक्टूबर के कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा
बैठक में छह अक्टूबर को होने वाले नीतीश संवाद की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गयी. कार्यक्रम को लेकर पार्टी स्तर पर आवश्यक तैयारियां पूरी करने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी गयीं.
पार्टी नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में पूर्व जिलाध्यक्ष मुरारी सिंह, डॉ. विशाल सिंह राठौर, आनंद किशोर सिंह, भोला सिंह, सत्येंद्र भवानी, दीपक सिंह, ब्रजेश कुमार, ई. प्रभाष शंकर, ओमप्रकाश शर्मा, अरशद परवेज, मनोज सिंह समेत जदयू के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
