saran news. मूसलाधार बारिश में डूबा शहर, बिजली कड़कने से दहशत

समाहरणालय रोड, डाक बंगला रोड, नगर पालिका चौक रोड, सलेमपुर रोड, योगिनियां कोठी रोड, मोहन नगर, गुदरी, अस्पताल चौक, भगवान बाजार रोड, काशी बाजार, दौलतगंज, रावल टोला, प्रभुनाथ नगर आदि इलाकों में चार से पांच फीट पानी जमा हो गया

छपरा. जिले में शुक्रवार की देर रात 12 बजे से ही मूसलाधार बारिश शुरू हो गयी. रात दो बजे से आकाशीय बिजली कड़कने लगी. शनिवार सुबह 7:30 बजे तक लगातार हर आधे से एक मिनट के अंतराल पर तेज बिजली कड़क रही थी, जिससे लोगों में सुबह तक दहशत का माहौल रहा. शहर के दहियांवा में निवासी राकेश कुमार ने बताया कि बीते तीन से चार दशक में इस तरह की बारिश और लगातार आकाशीय बिजली कड़कते हुए उन्होंने नहीं देखा है. मुबारक लेन के चुन्नू प्रसाद ने कहा कि जिले में बारिश का पिछला सभी रिकॉर्ड टूट गया. उन्होंने आज तक ऐसी बारिश नहीं देखी है. कई महिलाएं तो घरों में इतनी अधिक डर गयी थी कि वह रात में ही ईश्वर से बारिश रोकने और मौसम सामान्य होने की गुहार करने लगी. लेकिन शनिवार को भी सुबह से ही मूसलाधार बारिश जारी रही. दोपहर तक बारिश ने थमने का नाम नहीं लिया. हालांकि दिन के करीब 11:30 बजे कुछ देर के लिए बारिश रुकी थी. लेकिन अधिकतर शहरी इलाकों में इतना अधिक जलजमाव हो गया कि लोग घरों से नहीं निकल सके.

जहां नाला नहीं, वहां स्थिति बदतर

लगातार बारिश के बाद शहर का ऐसा कोई भी मुहल्ला नहीं बचा है, जहां भारी मात्रा में जलजमाव नहीं हो. समाहरणालय रोड, डाक बंगला रोड, नगर पालिका चौक रोड, सलेमपुर रोड, योगिनियां कोठी रोड, मोहन नगर, गुदरी, अस्पताल चौक, भगवान बाजार रोड, काशी बाजार, दौलतगंज, रावल टोला, प्रभुनाथ नगर आदि इलाकों में चार से पांच फीट पानी जमा हो गया. वहीं, शहर की कई ऐसे इलाके जहां अभी नाला निर्माण नहीं हुआ है और नई बस्तियां बसायी गयी हैं, उन इलाकों में स्थिति और भी बदतर हो गयी है. शहर के तेलपा, नवाजी टोला, इंद्रपुरी आदि इलाकों में नाला नहीं होने के कारण वहां पांच से छह फुट पानी जमा हो गया है. जिस कारण लोग घरों से नहीं निकल पा रहे हैं. कई लोग सोशल मीडिया पर भी वीडियो डालकर जल निकासी व अन्य मदद की गुहार लगाते दिखे.

कारोबार चौपट, परिवहन रहा ठप

मूसलाधार बारिश व आकाशीय बिजली गिरने के कारण कारोबार पर भी इसका असर दिखा. शनिवार को सुबह थोक मंडियां नहीं खुली. सरकारी बाजार पूरी तरह जलमग्न है. मौना की मंडियों में भी पानी समा गया है. ग्रामीण इलाकों से खरीदार नहीं पहुंचे. कपड़ा मंडी, मसाला मंडी भी दोपहर तक बंद रहा. वहीं, हथुआ मार्केट में भी भारी मात्रा में जल जमाव लगने के कारण यहां एक भी दुकान नहीं खुली. आकाशीय बिजली लगातार कड़कने के कारण लोग सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी घरों से नहीं निकले. वहीं दुकानदारों ने भी दुकान को बंद रखना ही उचित समझा. परिवहन व्यवस्था भी पूरी तरह ठप रही. सरकारी बस स्टैंड से पटना के लिए खुलने वाली सुबह की लगभग सभी बसें बाधित रही. दोपहर बाद ही एक दो बसों का परिचालन संभव हो सका. डेली सर्विस की प्राइवेट बसें व अन्य सवारी गाड़ियां भी नहीं चली. शहर में इक्का दुक्का इ रिक्शा ही चलते नजर आये.

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