Sonpur Kali Ghat: दिव्य तपस्वियों की तपोभूमि हरिहर क्षेत्र की पावन धरती पर नारायणी गंगा और सोनभद्र के त्रिवेणी संगम स्थित सोनपुर काली घाट पर बुधवार को श्रावण हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर भव्य त्रिवेणी महाआरती का आयोजन किया गया. मां तारा सेवा निधि कौनहारा महातीर्थ हरिपुर, वैशाली के सौजन्य से आयोजित महाआरती में वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच विधि-विधान से नारायणी गंगा एवं सोनभद्र का पूजन किया गया.
दीप प्रज्ज्वलित कर महाआरती का हुआ शुभारंभ
यजमान व त्रिवेणी आरती के संरक्षक बालक बाबा एवं भीखंदास के कर-कमलों से दीप प्रज्ज्वलित कर महाआरती का शुभारंभ हुआ. आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने घाट पर दीप जलाए, जिससे पुराना गंडक पुल घाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा. महिलाओं, बच्चों और पुरुष श्रद्धालुओं ने अलौकिक आरती के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की.
हरिहर क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का संकल्प
मुख्य अतिथि ने कहा कि मां तारा सेवा निधि हरिहर क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना को पुनः प्रज्वलित करने के लिए संकल्पित है. संस्था की ओर से प्रत्येक अमावस्या को सोनपुर काली घाट, पूर्णिमा को श्री गजेंद्र मोक्ष धाम कौनहारा महातीर्थ तथा कृष्ण पक्ष दशमी को पटना में त्रिवेणी महाआरती आयोजित की जाती है.
गंगा को स्वच्छ रखने का किया आह्वान
महाकाल बाबा ने गंगा को सनातन संस्कृति की धरोहर बताते हुए इसे स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त रखने का आह्वान किया. उन्होंने हरिहर क्षेत्र के ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने तथा पावन त्रिवेणी संगम पर अर्द्धकुंभ के आयोजन में सहयोग की अपील की.
जयघोष के साथ संपन्न हुई महाआरती
अंत में "धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो" के जयघोष के साथ महाआरती संपन्न हुई. आयोजन में आचार्य अनिल, अर्जुन, अविनाश, आदित्य, मुकेश, कुंदन, राजा, विपिन, राजीव, अनीश, किशन, रोशन, सुनील, सुबोध व उमेश सहित कई लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
