सारण में बाढ़ का खतरा घटा, गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर, घाघरा ढाई मीटर नीचे

सारण जिले में बाढ़ की स्थिति तेजी से सुधर रही है, प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ रहा है. हालांकि गंगा अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है. सरकार ने 30 हजार से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खातों में राहत राशि भेज दी है.

Saran Flood Update : सारण जिले में बाढ़ की स्थिति अब तेजी से सामान्य हो रही है. जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है. हालांकि गंगा का जलस्तर गांधी घाट पर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है, जिससे जल संसाधन विभाग की निगाह गंगा और रेवा घाट पर बनी हुई है. वहीं घाघरा और गंडक समेत अन्य नदियों के जलस्तर में कमी आने से बाढ़ का खतरा काफी कम हुआ है.

30 हजार से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खाते में भेजी गयी राशि

पिछले पखवाड़े में आयी बाढ़ से सारण के करीब आठ प्रखंडों के 40 पंचायत व नगर पंचायत क्षेत्र प्रभावित हुए थे. करीब 130 गांवों की लगभग 2.50 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में आयी थी. जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ के दौरान बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया.

बाढ़ के दौरान 1500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. प्रभावित परिवारों तक प्रतिदिन राशन और तैयार भोजन भी पहुंचाया गया. अब बाढ़ से प्रभावित वैसे परिवार, जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं या घरेलू सामान और बर्तन आदि बर्बाद हुए हैं, उन्हें राहत राशि उपलब्ध करायी जा रही है.

प्रशासन के अनुसार 30 हजार से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खाते में 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जा चुकी है. शेष पात्र लाभुकों के खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया भी लगातार जारी है.

गंगा गांधी घाट पर अब भी खतरे के निशान से ऊपर

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की ओर से 19 सितंबर की सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार गंगा गांधी घाट पर 48.90 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया. इसमें कमी दर्ज होने के बावजूद नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जल संसाधन विभाग के अधिकारी गंगा के जलस्तर के साथ-साथ गंडक बैराज से छोड़े जा रहे पानी और बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं.

कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर ने बताया कि फिलहाल केवल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. बाकी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से एक से ढाई मीटर तक नीचे चला गया है. मौसम सामान्य रहने पर स्थिति में और सुधार की उम्मीद है. इसके बावजूद विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाये हुए है.

घाघरा छपरा में खतरे के निशान से 2.44 मीटर नीचे

घाघरा छपरा में जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी. यहां जलस्तर 51.24 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 53.68 मीटर है. इस तरह नदी खतरे के निशान से 2.44 मीटर नीचे बह रही है.

सिसवन में घाघरा का जलस्तर 56.02 मीटर दर्ज किया गया. यहां तीन सेंटीमीटर की कमी हुई है. खतरे का निशान 57.04 मीटर है और नदी इससे 1.02 मीटर नीचे बह रही है.

रेवा और हाजीपुर गंडक में भी घटा पानी

गंडक हाजीपुर का जलस्तर 49.17 मीटर दर्ज किया गया. इसमें 12 सेंटीमीटर की कमी आयी है. यहां खतरे का निशान 50.32 मीटर बताया गया है और नदी करीब 1.15 मीटर नीचे बह रही है.

वहीं गंडक रेवा का जलस्तर 53.10 मीटर रहा. इसमें 18 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी. खतरे के निशान के मुकाबले जलस्तर एक मीटर से अधिक नीचे है. विभाग की नजर रेवा घाट के जलस्तर पर भी बनी हुई है.

नदियों के जलस्तर में तीन से 18 सेंटीमीटर तक कमी

शनिवार को जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर में तीन से 18 सेंटीमीटर तक कमी दर्ज की गयी. लगातार कमी आने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी पानी उतर रहा है. दिलिया रहीमपुर पंचायत समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घटने के बाद जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है.

सारण में नदियों का जलस्तर

नदीवर्तमान जलस्तरस्थिति
गंगा, गांधी घाट48.90 मीटरखतरे के निशान से करीब 0.27 मीटर ऊपर
गंडक, हाजीपुर49.17 मीटरखतरे के निशान से 1.15 मीटर नीचे
गंडक, रेवा53.10 मीटरखतरे के निशान से करीब 1.31 मीटर नीचे
सरयू/घाघरा, सिसवन56.02 मीटरखतरे के निशान से 1.02 मीटर नीचे
घाघरा, छपरा51.24 मीटरखतरे के निशान से 2.44 मीटर नीचे

क्या बोले अधिकारी

"केवल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. बाकी सभी जगह एक मीटर से ढाई मीटर तक नीचे चला गया है. मौसम इसी तरह सामान्य रहा तो अब परेशानी नहीं होगी. बावजूद इसके जल संसाधन विभाग गंडक बैराज के प्रतिदिन के डिस्चार्ज और बारिश पर नजर रखे हुए है."

संतोष कुमार प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ प्रमंडल, सारण

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By संजय भारद्वाज

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