Saran News : सारण जिले में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है. सोमवार को सामने आयी रिपोर्ट के अनुसार जिले के आठ प्रखंडों के 39 पंचायत एवं नगर पंचायत क्षेत्र के 121 गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं. इन क्षेत्रों की 2,37,152 से अधिक आबादी बाढ़ की वजह से परेशान है. जिला प्रशासन की ओर से अब तक 1200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रभावित लोगों के लिए रहने, भोजन और चिकित्सा समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है.
1200 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 1200 लोगों को निष्क्रमित कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. लोगों की सहायता और राहत-बचाव कार्य के लिए 198 नाव एवं छह बोट एंबुलेंस परिचालित की जा रही हैं. इनके माध्यम से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के साथ आवश्यक सुविधाएं भी पहुंचायी जा रही हैं.
26 मेडिकल कैंप में मिल रही स्वास्थ्य सुविधा
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 26 मेडिकल कैंप संचालित किये जा रहे हैं. मोबाइल मेडिकल टीमों के माध्यम से भी प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है. अब तक 2449 लोगों का इलाज किया जा चुका है. जरूरत के अनुसार बीमार और जरूरतमंद लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करायी जा रही है.
17 सामुदायिक रसोई में 24 हजार से अधिक लोगों को भोजन
बाढ़ पीड़ितों के लिए कई स्थानों पर आश्रय स्थल बनाये गये हैं. प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 17 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित हैं. इन केंद्रों पर अब तक 24,340 लोगों को भोजन कराया जा चुका है. इसके अलावा 8,945 खाद्य एवं ड्राई राशन पैकेट भी वितरित किये गये हैं. राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.
678 पशुओं को पशु आश्रय स्थलों में मिला सहारा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गयी है. जिले में आठ पशु आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां 678 पशुओं को आश्रय दिया गया है. इन आश्रय स्थलों और प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की देखभाल, उपचार और पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. आवश्यक दवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गयी है.
12 हजार से अधिक पॉलिथीन शीट का वितरण
बाढ़ से प्रभावित जरूरतमंद परिवारों के बीच अब तक 12,147 पॉलिथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं. प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं.
नदी तट और बांधों पर 24 घंटे निगरानी का आदेश
जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. प्रशासनिक पदाधिकारियों को नदी तटों और बांधों पर 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव संसाधन उपलब्ध कराने को कहा गया है. प्रशासन की पूरी टीम बाढ़ प्रभावित लोगों और उनके पशुधन की सुरक्षा के साथ आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटी है.
