नीलगाय और जंगली सुअरों का आतंक, मक्के-सब्जियों की फसल बर्बाद; रात में खेतों की रखवाली करना भी मुश्किल

बनियापुर में नीलगाय और सुअरों के झुंड से किसान परेशान हैं। मक्के और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

saran News : बनियापुर प्रखंड क्षेत्र में नीलगाय और जंगली सुअरों के बढ़ते आतंक से किसान परेशान हैं. झुंड में खेतों में पहुंच रहे ये जानवर मक्के और सब्जियों की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहे हैं. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

रात में झुंड बनाकर खेतों में पहुंचते हैं जानवर

महेश राम, लक्ष्मण पांडेय, उमेश राम, आदित्य कुमार, संजीत कुमार, अमन राम सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि रात के समय नीलगाय और जंगली सुअर झुंड में खेतों में पहुंच जाते हैं. ये खड़ी फसल को रौंदने के साथ ही पौधों को तोड़कर इधर-उधर बिखेर देते हैं. इससे तैयार होने वाली फसल भी बर्बाद हो रही है.

मक्के की फसल को सबसे अधिक नुकसान

किसानों के अनुसार फिलहाल खेतों में मक्के की फसल में भुट्टे लगने शुरू हो गये हैं. फसल तैयार होने में अभी करीब एक पखवाड़े का समय लग सकता है. ऐसे समय में जानवरों के खेतों में पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गयी है. किसानों का कहना है कि दिन-रात मेहनत के बाद तैयार हो रही फसल को कुछ ही देर में जानवर बर्बाद कर दे रहे हैं.

रात में खेतों की रखवाली करने से भी डर रहे किसान

किसानों ने बताया कि कई बार नीलगाय और जंगली सुअर अचानक आक्रामक हो जाते हैं. इनके हमले में कुछ किसानों के घायल होने की भी बात सामने आयी है. ऐसे में किसान रात के समय खेतों में जाकर जानवरों को भगाने से भी डर रहे हैं. प्रखंड के कई गांवों में हाल के दिनों में इन जानवरों की संख्या बढ़ने से फसलों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गयी है.

शिकायत के बाद भी नहीं मिल रही राहत

किसानों का कहना है कि फसल बर्बाद होने की सूचना देने के बावजूद कृषि विभाग के स्तर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. न तो नुकसान की जांच करायी जा रही है और न ही प्रभावित किसानों को किसी तरह का मुआवजा मिल रहा है. किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से फसल क्षति का आकलन कराने के साथ नीलगाय और जंगली सुअरों से राहत दिलाने की मांग की है.

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By Mantu kumar

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