सिस्टम की क्रूरता: सारण में 13 साल से विधवा पेंशन की फाइलों में दफन है 60 वर्षीय रमावती देवी का हक

60 वर्षीय रमावती देवी पिछले 13 सालों से विधवा पेंशन पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। पति के निधन के बाद शुरू हुआ उनका यह संघर्ष आज भी जारी है, जो सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। प्रशासनिक जांच के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।

Saran News : सरकार डिजिटल व्यवस्था के जरिये सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन एकमा प्रखंड के रसूलपुर की 60 वर्षीय रमावती देवी पिछले 13 वर्षों से पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं. पति स्वर्गीय ओम प्रकाश दुबे के निधन के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हुआ, लेकिन सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ अब तक नहीं मिल सका है.

2013 में पति की मौत के बाद शुरू हुआ इंतजार

रमावती देवी के पति ओम प्रकाश दुबे का वर्ष 2013 में निधन हो गया था. इसके बाद परिवार के सामने आर्थिक परेशानी बढ़ती चली गयी. सरकारी योजना के तहत मिलने वाली पेंशन उनके लिए बड़ा सहारा बन सकती थी, लेकिन आवेदन के बावजूद उन्हें अब तक इसका लाभ नहीं मिला.

दर्जनों आवेदन, फिर भी नहीं बनी बात

रमावती देवी का कहना है कि उन्होंने पिछले 13 वर्षों में पेंशन शुरू कराने के लिए एकमा प्रखंड कार्यालय में कई बार आवेदन दिया. हर बार उन्हें प्रक्रिया पूरी होने और पेंशन शुरू होने का भरोसा मिला, लेकिन इंतजार खत्म नहीं हुआ. उम्र बढ़ने के साथ उनकी परेशानी भी बढ़ती गयी.

पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटती रहीं

पेंशन की उम्मीद में रमावती देवी लगातार प्रखंड कार्यालय और जनप्रतिनिधियों से संपर्क करती रहीं. उनका कहना है कि लंबे समय से आवेदन देने के बावजूद उन्हें यह पता नहीं चल सका कि उनका मामला किस स्तर पर अटका हुआ है. अब 13 साल बाद भी उन्हें पेंशन का इंतजार है.

13 साल से क्यों अटका है आवेदन, उठ रहे सवाल

बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाये जाने के बाद भी रमावती देवी को इसका लाभ नहीं मिलना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 2013 में दिये गये आवेदन का अब तक निबटारा क्यों नहीं हो सका. पुराने आवेदन और रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चलेगा कि मामला किस स्तर पर लंबित रहा.

बीडीओ ने कहा- पुराने रिकॉर्ड की होगी जांच

मामले में एकमा के प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि 13 वर्षों से आवेदन लंबित रहने की जानकारी संज्ञान में आयी है. इतने लंबे समय तक आवेदन क्यों अटका रहा, इसके तकनीकी कारणों की जांच करायी जायेगी. आधार लिंक नहीं होने या बैंक खाते में किसी तरह की त्रुटि की वजह से भी समस्या हो सकती है. संबंधित आरटीपीएस काउंटर से पुराना रिकॉर्ड मंगाया जायेगा और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.

पीड़ित रामावती देबी की तस्वीर | Prabhat Khabar Network

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By Prabhat khabar news desk

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