छपरा: जिला सतर्कता समिति की बैठक; 2023 से अब तक 1055 पीड़ितों को मिला मुआवजा, 4 को मिली सरकारी नौकरी

Saran News :  डीएम वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक, लंबित मामलों में त्वरित चार्जशीट का निर्देश दिए. साथ ही 20 मामलों में प्रथम किस्त के मुआवजे का भुगतान करने की कार्रवाई चल रही है.

छपरा से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट

Saran News :  जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक की गई. इस बैठक में अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई. और पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए.

बैठक के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी ने विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 2023 से 2026 तक इस अधिनियम के तहत कुल 1100 कांड दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 1055 मामलों में पीड़ित या उनके आश्रितों को देय मुआवजे की प्रथम किस्त की राशि का भुगतान किया जा चुका है. इसके अतिरिक्त 25 मामलों में दोनों पक्षों के बीच संधि या सुलह कराई गई है, जबकि शेष बचे 20 मामलों में भी प्रथम किस्त के मुआवजे का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने की कार्रवाई चल रही है.

पुनर्वास और सहायता पर विशेष जोर दिया

बैठक में पीड़ितों के पुनर्वास और सहायता पर विशेष जोर दिया गया. जिला कल्याण पदाधिकारी ने अवगत कराया कि इस अधिनियम के तहत दर्ज मृत्यु के मामलों में कुल 57 निकटतम आश्रितों को नियमानुसार पेंशन का भुगतान किया जा रहा है, और सभी लाभार्थियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है. इसके साथ ही, अब तक चार आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और एक अन्य मामले में आश्रित को नौकरी देने की प्रक्रिया वर्तमान में प्रगति पर है, जिसे जिलाधिकारी ने अविलंब पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है.

कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और तीव्र बनाने के लिए जिलाधिकारी ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस एक्ट के तहत जैसे ही कोई प्राथमिकी दर्ज होती है, उसकी एक प्रति तुरंत ई-मेल के माध्यम से जिला कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए.

लंबित मामलों का निष्पादन प्राथमिकता से करें

मामलों के कानूनी निष्पादन पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि चार्जशीट के लिए लंबित पड़े सभी मामलों में प्राथमिकता के आधार पर चार्जशीट दाखिल की जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को मुआवजे की द्वितीय किस्त की राशि का भुगतान ससमय किया जा सके. इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी ध्यान केंद्रित किया कि अधिनियम के तहत गवाहों को न्यायालय आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता दिए जाने का प्रावधान है.

बैठक में ये रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में उपविकास आयुक्त, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित समिति के अन्य सदस्य प्रत्यक्ष रूप से मौजूद थे, जबकि विभिन्न थानों के थाना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे.

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Published by: Rajeev Kumar

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