सारण: समन्वय समिति की बैठक में डीएम सख्त; 26 मॉडल स्कूलों को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाने का निर्देश, गंगा के बढ़ते जलस्तर पर तटबंधों की निगरानी के आदेश

सारण जिला मुख्यालय में आयोजित समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जिले के 26 मॉडल स्कूलों को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।

Saran News: सारण जिला मुख्यालय छपरा स्थित समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिलास्तरीय पदाधिकारी प्रत्यक्ष रूप से तथा सभी अनुमंडल व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाइब्रिड मोड में शामिल हुए. डीएम ने विकास योजनाओं की प्रगति, शिक्षा सुधार, बाढ़ नियंत्रण, नाव परिचालन सुरक्षा, राशन कार्ड निर्माण, परिसीमन तथा विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की और सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए.

26 मॉडल स्कूल बनेंगे 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस', होगा साप्ताहिक निरीक्षण

जिले के 26 मॉडल स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया:

  • साप्ताहिक निरीक्षण: नामित नोडल पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह आवंटित मॉडल स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण कर आधारभूत संरचना, अतिरिक्त क्लासरूम, रनिंग ट्रैक, फुटबॉल गोल पोस्ट, खेल मैदान, चारदीवारी, शौचालय व पेयजल की स्थिति का जायजा लेंगे.
  • आधुनिक सुविधाएं: स्कूलों में रोबोटिक्स लैब, कंप्यूटर लैब, एस्ट्रोनॉमी किट और उच्च गुणवत्ता वाली खेल सामग्री उपलब्ध कराने के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया.
  • आंगनबाड़ी व शिक्षा रिपोर्ट: जिला शिक्षा पदाधिकारी को प्रखंडवार प्रगति रिपोर्ट तैयार करने और सूचीबद्ध आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बुनियादी सुविधाएं बहाल कराने को कहा गया.

गंगा के जलस्तर में वृद्धि पर अलर्ट, फ्लड फाइटिंग व तटबंधों की निगरानी

बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि गंडक के जलस्तर में कमी आई है, जबकि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि:

  • तटबंधों पर नजर: सभी संबंधित अधिकारी पूरी सतर्कता बरतें और तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी रखें. फ्लड फाइटिंग सामग्रियों की पर्याप्त स्टॉकिंग सुनिश्चित की जाए.
  • राहत शिविर व सामुदायिक रसोई: मकेर, दरियापुर, पानापुर, तरैया और परसा-अमनौर के संभावित प्रभावित क्षेत्रों में शरण स्थल, कम्युनिटी किचन और पशु आश्रय स्थल तैयार रखे जाएं.
  • सुरक्षित नाव परिचालन: नावों में लाइफ जैकेट व इन्फ्लेटेबल ट्यूब अनिवार्य रूप से रखी जाए, खतरे का निशान चिह्नित हो और अंधेरे में नाव परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहे.

परिसीमन, राशन कार्ड और लंबित मामलों पर कड़े निर्देश

बैठक में अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं पर भी जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए:

  • परिसीमन व नगर निकाय: पंचायती राज परिसीमन के कार्य 10 सितंबर तक तथा सोनपुर नगर परिषद विस्तार व नई नगर पंचायतों के गठन के प्रस्ताव 15 सितंबर तक जिला कार्यक्रम समिति से अनुमोदित कराकर विभाग को भेजे जाएं.
  • राशन कार्ड निर्माण में तेजी: लगभग 53 हजार ऑनलाइन आवेदनों के सापेक्ष धीमी प्रगति पर डीएम ने चिंता जताई. उन्होंने ई-केवाईसी और कार्ड जारी करने के बीच के गैप को तत्काल दूर करने का आदेश दिया.
  • लंबित कांड व नीलाम पत्र: कोर्ट, लोक सूचना, नीलाम पत्र और वारंट से जुड़े मामलों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन किया जाए. साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों और लाभार्थियों के टेस्टिमोनियल वीडियो डीपीआरओ के साथ साझा करने को कहा गया.

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By संजय भारद्वाज

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