सारण में 11 सितंबर को लगेगा विशेष दिव्यांगता शिविर, 6 से 18 साल के बच्चों की होगी जांच, ऐसे करें पंजीकरण

Disability Certification Camp : पानापुर प्रखंड में 11 सितंबर को दिव्यांग बच्चों के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का उद्देश्य 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की दिव्यांगता की जांच कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है।

Disability Certification Camp : सारण जिले के पानापुर प्रखंड में दिव्यांग बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 सितंबर को विशेष शिविर लगाया जाएगा. शिविर का आयोजन बीआरसी में होगा. इसमें 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की दिव्यांगता की जांच और पंजीकरण किया जाएगा. जिन बच्चों का अभी तक दिव्यांगता प्रमाणपत्र या यूडीआईडी नहीं बना है, उनके अभिभावकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचने की अपील की गई है.

11 सितंबर को बीआरसी में लगेगा विशेष शिविर

पानापुर प्रखंड में आगामी 11 सितंबर को दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा. शिविर बीआरसी परिसर में लगेगा. इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की पहचान, जांच और पंजीकरण के साथ उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना है.

6 से 18 वर्ष के बच्चों की होगी जांच

शिविर में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की जांच और पंजीकरण किया जाएगा. समावेशी शिक्षा प्रभारी प्रखंड साधनसेवी पलकधारी ने बताया कि सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में नामांकित दिव्यांग बच्चों के साथ ऐसे बच्चे भी शिविर में आ सकते हैं, जो किसी विद्यालय में नामांकित नहीं हैं.

दिव्यांगता प्रमाणपत्र और UDID बनाने की प्रक्रिया

जिन बच्चों का अभी तक दिव्यांगता प्रमाणपत्र या यूडीआईडी कार्ड नहीं बना है, उनके लिए शिविर उपयोगी रहेगा. जांच के बाद प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए भी बच्चों की सूची तैयार की जाएगी.

अभिभावक इन दस्तावेजों के साथ पहुंचें

अभिभावकों से कहा गया है कि वे शिविर में बच्चे के दो पासपोर्ट साइज फोटो लेकर पहुंचें. इसके साथ आधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक खाते की छायाप्रति और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी साथ रखना होगा. आवश्यक दस्तावेज होने से पंजीकरण प्रक्रिया में सुविधा होगी.

21 प्रकार की दिव्यांगता की होगी जांच

शिविर में विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं की जांच की जाएगी. इनमें श्रवण निःशक्तता, दृष्टिबाधिता, मानसिक दिव्यांगता और अस्थि दिव्यांगता समेत 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को शामिल किया गया है.

सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर

शिविर के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. साथ ही उनकी जरूरत के अनुसार सहायक सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराने के लिए भी जानकारी जुटाई जाएगी. इससे पात्र बच्चों को सरकारी सहायता तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी.

गैर नामांकित बच्चे भी ले सकेंगे हिस्सा

शिविर में केवल स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चे ही शामिल नहीं होंगे. ऐसे दिव्यांग बच्चे भी जांच और पंजीकरण के लिए पहुंच सकते हैं, जो किसी सरकारी या गैर सरकारी विद्यालय में नामांकित नहीं हैं.

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By नागेंद्र ओझा

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