Saran News : मढ़ौरा प्रखंड के तेजपुरवा गांव निवासी 62 वर्षीय तारकेश्वर महतो की दिल्ली में सड़क हादसे में मौत हो गयी. करीब चार दशकों से दिल्ली के सरिता विहार में रह रहे तारकेश्वर महतो गांव और क्षेत्र के प्रवासियों के बीच काफी मददगार के रूप में जाने जाते थे. वह दिल्ली आने वाले लोगों को रहने की जगह दिलाने से लेकर रोजगार उपलब्ध कराने तक में सहयोग करते थे.
गेहूं पिसवाने जा रहे थे, ट्रक ने मारी टक्कर
दिल्ली प्रवासी मढ़ौरा के तेजपुरवा निवासी मनोज गुप्ता ने बताया कि हादसा शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे हुआ. तारकेश्वर महतो घर से गेहूं पिसवाने के लिए निकले थे. इसी दौरान के-2 गैस एजेंसी के पास एक ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया.
हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गये. घटना के बाद उनके भांजे पंकज और विक्की उन्हें तत्काल अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.
कालिंदी कुंज घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
तारकेश्वर महतो के निधन के बाद दिल्ली में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया. परिजनों और शुभचिंतकों की मौजूदगी में दिल्ली के कालिंदी कुंज घाट पर अंतिम संस्कार हुआ.
करीब 40 वर्षों से दिल्ली में रहने के बावजूद उनका गांव और क्षेत्र से जुड़ाव बना रहा. प्रवासियों के बीच उनकी पहचान ऐसे व्यक्ति के रूप में थी, जो जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे.
निधन की खबर पहुंचते ही तेजपुरवा में पसरा मातम
तारकेश्वर महतो की मौत की खबर शनिवार को जैसे ही उनके पैतृक गांव तेजपुरवा पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गयी. ग्रामीणों और परिचितों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया.
परिजनों के अनुसार वह अपने पीछे पत्नी मुन्नी देवी, इकलौती बेटी भारती, दामाद समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं. ग्रामीणों ने कहा कि नेकदिल और सहयोगी स्वभाव के तारकेश्वर महतो के निधन से गांव और दिल्ली में रहने वाले उनके परिचितों के बीच गहरा शोक है.
