Saran News : मांझी प्रखंड क्षेत्र में दाहा नदी का रिंग बांध टूटने के बाद इमादपुर बिनटोली गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है. बाढ़ के कारण गांव में कई परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है. ऐसे समय में मांझी के सामाजिक कार्यकर्ता दाऊद अली बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आये हैं. उन्होंने मंगलवार से गांव के एकमात्र मुस्लिम परिवार सुफियान मियां के दरवाजे पर भंडारे का आयोजन शुरू किया है.
एक ही पंगत में बैठकर भोजन कर रहे ग्रामीण
बिनटोली गांव में बड़ी संख्या में बीन समाज के लोग रहते हैं, जबकि सुफियान मियां का परिवार गांव का एकमात्र मुस्लिम परिवार बताया जाता है. इसी परिवार के दरवाजे पर आयोजित भंडारे में गांव के महिला, पुरुष और बच्चे एक साथ पंगत में बैठकर भोजन कर रहे हैं. बाढ़ की मुश्किल घड़ी में सामूहिक भोजन का यह आयोजन आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दे रहा है.
नाव से घर-घर पहुंचा रहे भोजन
दाऊद अली ने बताया कि बाढ़ के कारण कई परिवार अपने घरों से निकल नहीं पा रहे हैं. ऐसे परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए उन्होंने अपने खर्च पर भाड़े की नाव ली है. कार्यकर्ताओं की टोली नाव पर चावल, दाल, पूड़ी-सब्जी समेत अन्य खाद्य सामग्री लेकर प्रभावित इलाकों में पहुंच रही है और घर-घर भोजन उपलब्ध करा रही है. उनका प्रयास है कि बाढ़ के कारण कोई भी परिवार भूखा न रहे.
बाढ़ के बीच भाईचारे का संदेश
बाढ़ की विभीषिका के बीच चल रहा यह भंडारा ग्रामीणों के लिए राहत का जरिया बनने के साथ ही आपसी भाईचारे का संदेश भी दे रहा है. एक मुस्लिम परिवार के दरवाजे से पूरे गांव के लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है. स्थानीय लोगों के बीच इस पहल की सराहना हो रही है.
