Saran News : दरियापुर प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ का पानी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. सेमरहिया के पास मही नदी का बांध टूटने से करीब 25 गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है. बाढ़ का पानी कुछ लोगों के घरों तक ही पहुंचा, लेकिन सैकड़ों एकड़ में लगी धान, मक्का और सब्जियों की फसल पानी में डूब गयी है. खेत-खलिहानों में दूर तक सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है.
तीन दिन की मशक्कत के बाद बांध की हुई मरम्मत
बताया जाता है कि छह सितंबर को सेमरहिया के पास मही नदी का बांध टूट गया था. प्रशासन ने लगातार तीन दिनों के प्रयास के बाद बांध की मरम्मत कर दी. हालांकि, तब तक बाढ़ का पानी आसपास के करीब 25 गांवों में फैल चुका था. पानी खेतों में जमा रहने से बड़ी मात्रा में फसल प्रभावित हुई है.
25 गांवों के खेतों में पानी ही पानी
बाढ़ से सेमरहिया, मुजौना, भलवाहिया, खानपुर, भगवानपुर, धर्मगत, रामपुर जैती, जलालपुर, बनवारीपुर, बढ़मुआ, शर्मा टोला, मानुपुर, भूसी टोला, रघुपुर, मलाही, पुरदिलपुर और सुल्तानपुर समेत करीब 25 गांवों की फसल प्रभावित हुई है. इन गांवों में धान, मक्का और विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती बाढ़ के पानी में डूब गयी है.
सब्जी की खेती पर निर्भर हैं बड़ी संख्या में किसान
इस इलाके में बड़ी संख्या में किसान सब्जी की खेती करते हैं. किसान इसी खेती से सालभर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. कई किसानों ने खेती के लिए महाजनों से कर्ज भी लिया है. फसल बर्बाद होने के बाद ऐसे किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है.
बच्चों की पढ़ाई और शादी-ब्याह का खर्च भी खेती से चलता था
ग्रामीणों के अनुसार, कई किसान खेती से होने वाली आमदनी से बच्चों की पढ़ाई और शादी-ब्याह समेत परिवार की अन्य जरूरतें पूरी करते थे. खेती से अच्छी आमदनी होने के कारण परिवार खुशहाल चल रहे थे. लेकिन बाढ़ ने तैयार फसलों को नुकसान पहुंचाकर किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी संकट खड़ा कर दिया है.
फसल बर्बाद होने से किसानों की बढ़ी चिंता
बाढ़ का पानी खेतों में फैलने के बाद किसानों को अब आने वाले दिनों की चिंता सताने लगी है. फसल डूबने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसानों का कहना है कि खेतों में जमा पानी जल्द नहीं निकला, तो फसलों को और अधिक नुकसान होगा.
