Saran News : आर्केस्ट्रा में अश्लील गानों पर डांस करना फूहड़ता, जिले में उठी बैन की मांग

Saran News : जिले में आयोजित हो रहे अश्लील आर्केस्ट्रा कार्यक्रमों और फूहड़ भोजपुरी गीतों को लेकर आम जनता और सामाजिक संगठनों ने कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है.

छपरा. जिले में आयोजित हो रहे अश्लील आर्केस्ट्रा कार्यक्रमों और फूहड़ भोजपुरी गीतों को लेकर आम जनता और सामाजिक संगठनों ने कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है. गोपालगंज में पुलिस प्रशासन द्वारा आर्केस्ट्रा संचालकों पर सख्त कार्रवाई के बाद अब छपरा समेत पूरे सारण जिले में ऐसे आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग तेज हो गयी है. एसएसपी डॉ कुमार आशीष के नेतृत्व में चलाये जा रहे ‘आवाज़ दो अभियान’ के तहत बीते एक वर्ष में अब तक 162 नाबालिग लड़कियों को आर्केस्ट्रा की चकाचौंध दुनिया से बाहर निकाला गया है. इस दौरान कई संचालकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई की जा चुकी है.

शादी समारोहों में बढ़ रही अश्लीलता

ग्रामीण क्षेत्रों में अब शादी-विवाह जैसे पवित्र अवसरों पर भी अश्लील नाच-गानों का आयोजन आम होता जा रहा है. इनमें न सिर्फ अभद्र भोजपुरी गाने बजाये जाते हैं, बल्कि कई बार मंच पर हथियार लहराने की घटनाएं भी सामने आती हैं. यह न केवल सामाजिक दृष्टिकोण से शर्मनाक है, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है. सारण जिले के जनता बाजार ब्लॉक में सबसे अधिक आर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. यहां लाखों रुपये में बुकिंग होती है और कई बार नाबालिग लड़कियों को भी शामिल किया जाता है. जलालपुर, बनियापुर, सहजीतपुर, नगरा, खैरा, तरैया और अमनौर जैसे ब्लॉकों में भी यह गतिविधियां सक्रिय हैं.

बाहरी राज्यों से बुलायी जाती हैं डांसर

इन कार्यक्रमों के लिए दिल्ली, कोलकाता और पंजाब से डांसर बुलाई जाती हैं. पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक मजबूरी के चलते कई महिलाएं दूर-दराज क्षेत्रों में आकर इस पेशे में शामिल हो रही हैं. पहले जहां कोलकाता की डांसर्स की अधिक मांग थी, अब दिल्ली और पंजाब की डांसर्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है. आर्केस्ट्रा कार्यक्रमों के दौरान कई बार अश्लील गानों का विरोध हिंसक झड़पों में तब्दील हो जाता है. गत वर्ष डोरीगंज में एक शादी समारोह में अश्लील गानों का विरोध करने पर एक युवक की हत्या कर दी गयी थी, जिसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया था. कई मामलों में ये कार्यक्रम छेड़खानी और दुष्कर्म जैसी घटनाओं को भी जन्म दे रहे हैं.

क्या कहते है लोग

आर्केस्ट्रा संचालकों द्वारा भोजपुरी के अश्लील गीतों को खुलेआम बजाया जाता है. समाज में इसका गलत असर पड़ रहा है. हालांकि अश्लीलता को बढ़ावा देने में भोजपुरी के श्रोता भी कहीं न कहीं दोषी हैं. जो उपभोक्ता के रूप में अपसंस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं.

उदय नारायण सिंह, लोकगायकभोजपुरी में अश्लीलता को ज्यादातर आर्केस्ट्रा संचालक बढ़ावा दे रहे हैं. आर्केस्ट्रा के दौरान वैसे गाने बजाये जा रहे हैं. जिसे सुनकर काफी शर्मिंदगी होती है. ऐसे संचालकों को हमेशा के लिए बैन कर देना चाहिये.

प्रीति सिंह, शिक्षाविद

कई जगह वैवाहिक आयोजनों में खुलेआम अश्लील गीत बजाये जा रहे हैं. हम महिलाओं को काफी शर्मिंदगी महसूस होती है. अगर इसका विरोध करते हैं तो कोई सुनता नहीं है. हम सबको मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी. आर्केस्ट्रा संचालकों की मनमानी नहीं चलेगी.सोनी मिश्र, गृहणी

क्या कहते हैं एसएसपी

अश्लील गीतों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. सभी थानाध्यक्षों को इस संदर्भ में गाइडलाइन जारी किया गया है. आवाज दो अभियान भी चलाया जा रहा है. इसके अंतर्गत आर्केस्ट्रा में काम करने वाली नाबालिक लड़कियों को मुक्त कराया गया है. आगे भी है कार्रवाई जारी रहेगी.डॉ कुमार आशीष

एसएसपी, सारण

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By Alok kumar

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