Maa Ambika Bhavani Temple: सावन की अंतिम सोमवारी पर प्रखंड के आमी स्थित मां अंबिका भवानी मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से ही मंदिर परिसर शिवभक्तों से पटा रहा. चप्पे-चप्पे पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना में लीन दिखे. मंदिर परिसर और आसपास का इलाका बोल बम, हर-हर महादेव और मां अंबिका भवानी के जयकारों से गूंजता रहा.
अशोक धाम की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
अशोक धाम की घटना के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर मंदिर परिसर में विशेष इंतजाम किए थे. मंदिर के अंदर और आसपास बड़ी संख्या में पुरुष और महिला पुलिस जवानों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और अपर थानाध्यक्ष भरत साह के नेतृत्व में मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गयी.
गंगा घाट पर भी सुरक्षा के लिए बोट की व्यवस्था की गयी थी. बढ़े जलस्तर को देखते हुए घाट पर बेरिकेडिंग भी करायी गयी थी, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.
सुबह चार बजे से पहुंचने लगे श्रद्धालु
अंतिम सोमवारी पर पूजा-अर्चना में श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए बड़ी संख्या में भक्त अहले सुबह ही मंदिर पहुंचने लगे. सुबह करीब चार बजे से मां अंबिका भवानी के दरबार में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था.
प्रदेश के विभिन्न इलाकों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पहले गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगायी. इसके बाद गंगाजल लेकर मंदिर परिसर पहुंचे और भोलेनाथ की विशाल प्रतिमा के सामने बने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया.
कतार में लगकर श्रद्धालुओं ने किया दर्शन
जलाभिषेक के बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर गर्भगृह के बाहर पहुंचे और वहीं से मां अंबिका भवानी का दर्शन किया. श्रद्धालुओं ने सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की.
गर्भगृह के अंदर सरोज तिवारी, नमनम तिवारी, नीरज कुमार और दीपक कुमार समेत अन्य लोगों ने श्रद्धालुओं के प्रसाद और चुनरी को पिंड पर अर्पित कराया.
दोपहर तक जारी रहा जलाभिषेक
दोपहर बाद तक मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा. देर शाम व्रतधारी महिलाएं भी मंदिर पहुंचीं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.
वहीं, मंदिर के आसपास लगी दुकानों पर भी काफी भीड़ रही. श्रद्धालुओं ने प्रसाद, चुनरी और अन्य पूजन सामग्री की जमकर खरीदारी की. इससे मंदिर परिसर के आसपास पूरे दिन मेले जैसा माहौल बना रहा.
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