तरैया थाना क्षेत्र के गलिमापुर गांव के एक ठेकेदार पर खराटी गांव के एक मजदूर युवक को काम कराने के लिए बेंगलुरु ले जाने और कई महीनों की मजदूरी का भुगतान नहीं करने का आरोप लगा है. मामले को लेकर मजदूर की मां माया देवी ने तरैया थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है.
कोर्ट परिवाद के आलोक में दर्ज प्राथमिकी में गलिमापुर गांव निवासी ठेकेदार कमलेश मांझी, सत्येंद्र मांझी और अखिलेश मांझी को आरोपित किया गया है.
बेंगलुरु ले जाकर काम कराने का आरोप
प्राथमिकी में माया देवी ने आरोप लगाया है कि कमलेश कुमार मांझी बेंगलुरु में वेल्डिंग और कंस्ट्रक्शन ठेकेदारी का काम करता है. वह उनके पुत्र नीरज को राजमिस्त्री का काम सीखने के लिए बेंगलुरु लेकर गया था. वहां कई महीनों तक काम कराने के बाद मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया और उसे वापस घर भेज दिया गया.
पैसा मांगने पर गाली-गलौज का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि मजदूरी के पैसे मांगने पर आरोपितों की ओर से गाली-गलौज की जाती है और मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं. मजदूर की मां ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है.
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.
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