छपरा. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले में सीएमआर आपूर्ति की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई और शेष लक्ष्य जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया.
97.10 प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति, शेष लक्ष्य जल्द पूरा करने का निर्देश
बैठक में बताया गया कि जिले में अधिप्राप्त धान के समतुल्य 64,762 मीट्रिक टन सीएमआर के विरुद्ध अब तक 62,889.048 मीट्रिक टन सीएमआर राज्य खाद्य निगम, छपरा को उपलब्ध कराया जा चुका है. अभी 1,872.95 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति शेष है. 97.10 प्रतिशत आपूर्ति होने पर उप विकास आयुक्त ने असंतोष जताते हुए 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया.
राइस मिलों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने नीम करौली बाबा राइस मिल, मांझी और संजय राइस मिल, मांझी द्वारा सीएमआर आपूर्ति में शिथिलता बरतने पर नाराजगी व्यक्त की. संबंधित पैक्सों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में सीएमआर आपूर्ति पूरी करने का निर्देश दिया गया.
लापरवाह पैक्स और मिलों पर होगी कार्रवाई
बैठक में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम और जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अन्य राइस मिलों की भी समीक्षा की जाए. यदि किसी मिल द्वारा सीएमआर आपूर्ति में रुचि नहीं ली जा रही है तो उसके कारणों की जांच कर कार्रवाई की जाए. समीक्षा के दौरान बलेसरा, बरेजा, मटियार, मरहा, शीतलपुर, सोनबरसा, भलुआ बुजुर्ग, मतारपुर, मिर्जापुर और मकेर पैक्स सहित कई समितियों की धीमी प्रगति पर चिंता जताई गई.
अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
समीक्षा के दौरान बरेजा, भलुआ बुजुर्ग और मतारपुर पैक्स के प्रतिनिधि सीएमआर आपूर्ति में देरी का स्पष्ट कारण नहीं बता सके. वहीं बैठक से अनुपस्थित सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, परसा और संबंधित पैक्स अध्यक्षों से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया गया.
31 जुलाई तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का अल्टीमेटम
बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि 31 जुलाई तक हर हाल में 100 प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारियों और संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
