नीट पेपर लीक तथा दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित बिहार बंद का छपरा में व्यापक असर दिखा. सुबह नौ बजे के पहले शहर में गतिविधियां सामान्य रही. चौक चौराहों पर फल, सब्जी व रोजमर्रा से जुड़ी सामानों की दुकान खुली रही. लेकिन नौ बजे के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों की भीड़ अचानक से बढ़ने लगी. श्याम चक से लेकर सांढा ओवर ब्रिज के बीच जितने भी चौक चौराहे थे. लगभग 10 बजे तक ब्लॉक हो गये. बड़े वाहनों का परिचालन शहर में पूरी तरह ठप हो गया. वहीं ऑटो, इ रिक्शा चालकों का परिचालन भी बाधित रहा. गली मुहल्ले से इक्का दुक्का इ रिक्शा चल रहे थे. ऐसे में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व अन्य यात्री पड़ावों तक जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों से गुजरना पड़ा.\
स्टेशन व बस स्टैंड तक पैदल जाते दिखे लोग
साहेबगंज से छपरा रेलवे स्टेशन के बीच ऑटो व इ रिक्शा का परिचालन बंद रहा. ऐसे में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि जगह तक जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई. कई लोग ऑटो व इ रिक्शा बुक कर गली मुहल्ले के रास्ते स्टेशन तक पहुंचे. वहीं मजबूरी में कई लोग पैदल ही माथे पर सामान लेकर स्टेशन की ओर जाते दिखे. बस स्टैंड जाने वाले यात्रियों को भी काफी परेशानी हुई. सुबह 10 बजे के बाद छपरा स्टेशन पर उतरे यात्रियों को भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए स्टेशन पर उतरे अधिकतर यात्री जंक्शन के मेन इंट्रेंस से नहीं बल्कि सेकंड इंट्री की ओर से बाहर जाते दिखे.
शहर में ठप हुआ कारोबार, बंद रहीं अधिकतर दुकानें
छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए शहर के प्रमुख मंडियों में दुकानें बंद रहीं. खासकर सरकारी बाजार, साहेबगंज, मौना, सलेमपुर, गुदरी आदि जगहों पर मौजूद थोक मंडी सुबह नौ बजे के बाद बंद हो गयी. हथुआ मार्केट में लगभग सभी दुकानों के शटर बंद रहे. वहीं डाक बंगला रोड में भी जितनी दुकाने थी, वह सब बंद थी. चाय नाश्ता व फास्ट फूड की एक दो दुकान खुली थी. लेकिन यह भी सुबह 11 बजे के बाद बंद कर दी गयी. कुछ दुकानदारों ने छात्रों के इस प्रदर्शन के समर्थन में भी दुकानों के शटर डाउन कर दिये.
बंद रहे अधिकतर निजी स्कूल व कोचिंग संस्थान
बिहार बंद के आह्वान के बाद शहर के अधिकतर निजी स्कूल संचालकों द्वारा 25 जुलाई को स्कूल बंद रखने के संदर्भ में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था. सभी कोचिंग संस्थान भी बंद रहे. शहर के काशी बाजार में स्थित जितने भी कोचिंग संस्थान थे. वहां प्रदर्शन वाले दिन पठन-पाठन बंद किये जाने को लेकर पूर्व में ही निर्देश जारी कर दिया गया था. हालांकि शहर के सभी सरकारी स्कूल व कॉलेज खुले रहे. लेकिन यहां छात्र-छात्राओं की उपस्थिति नाम मात्र की रही. जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित अधिकतर कॉलेजों में आगामी परीक्षाओं का एडमिट कार्ड वितरण के लिए कार्यालय खुले थे. लेकिन छात्र नहीं पहुंचे.
