Saran News: भारत की जनगणना 2027 के दूसरे चरण के सफल, पारदर्शी और त्रुटिरहित संचालन को लेकर सारण जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) के निर्माण के लिए चार्ज अधिकारियों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों का छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार से शुरू होगा.
जिला पदाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 22 जुलाई से 28 जुलाई तक क्षेत्रीय अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा.
छह दिनों में 622 क्षेत्रीय अधिकारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
जारी निर्देश के अनुसार प्रशिक्षण दो बैचों में आयोजित होगा. इसके लिए जिला अतिथिगृह (सर्किट हाउस) के सभागार एवं मीटिंग हॉल को प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है.
दोनों केंद्रों पर कुल 622 क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगा.
इस दौरान जनगणना निदेशालय द्वारा प्रतिनियुक्त जिला नोडल अदिति आनंद, आयुषी सिंह तथा प्रशिक्षक लक्ष्मी मिश्रा और शंकर शरण श्रीवास्तव प्रशिक्षण देंगे. प्रशिक्षण में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका की तैयारी, तकनीकी प्रक्रिया और आंकड़ों के सटीक संकलन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाएगी.
व्यवस्था के लिए बनाए गए प्रभारी और नोडल पदाधिकारी
प्रशिक्षण के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है.
- एडीएम मुकेश कुमार को वरीय पदाधिकारी बनाया गया है.
- डीआईओ सह अपर जिला जनगणना अधिकारी एवं डीसीएलआर सह एसएलएमटी आलोक राज को नोडल पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इनके साथ अन्य सहयोगी कर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है, जो प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन में सहयोग करेंगे.
प्रशिक्षण केंद्रों पर सभी जरूरी सुविधाओं के निर्देश
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
इनमें शामिल हैं—
- पेयजल एवं भोजन
- स्टेशनरी सामग्री
- प्रोजेक्टर एवं वाई-फाई
- निर्बाध बिजली आपूर्ति
- साफ-सफाई एवं शौचालय
- फ्लेक्स एवं साइनज
- पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था
सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग को आवश्यक पुलिस बल की तैनाती का निर्देश दिया गया है. वहीं नगर निगम को साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन तथा स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस एवं चिकित्सा दल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है.
जिलाधिकारी स्वयं करेंगे मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का अत्यंत संवेदनशील कार्य है. इसलिए प्रशिक्षण में सभी चार्ज अधिकारी एवं क्षेत्रीय अधिकारी निर्धारित तिथि और समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि डेटा संकलन या प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की त्रुटि, लापरवाही अथवा शिथिलता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रशिक्षण कार्यक्रम की मॉनिटरिंग स्वयं जिलाधिकारी करेंगे.
