सारण से मंटु कुमार की रिपोर्ट
Bihar Weather News: बिहार में भीषण गर्मी का दौर जारी है. तेज धूप और गर्म हवाएं के लिए लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. दोपहर में लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं. कई इलाकों में सूखे जैसे हालत हो गए हैं. इसी कड़ी में सारण जिले के बनियापुर क्षेत्र में बारिश नहीं होने और भीषण गर्मी के कारण किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. जून का पहला सप्ताह बीतने को है, लेकिन अब तक करीब 85 प्रतिशत किसान धान का बिचड़ा नहीं डाल सके हैं. खेतों में नमी की भारी कमी और तेज धूप के कारण खरीफ फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है. किसान अब मानसून का इंतजार कर रहे हैं.
एक हफ्ते में नहीं हुई बारिश
बनियापुर क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण धान की खेती पर संकट गहराने लगा है. चिलचिलाती धूप और सूखी जमीन की वजह से अधिकांश किसान अब तक खेतों में बिचड़ा नहीं डाल पाए हैं. कृषि विशेषज्ञों और अनुभवी किसानों के अनुसार जून के पहले और दूसरे सप्ताह में बिचड़ा डालना सबसे उपयुक्त समय माना जाता है.
85 प्रतिशत किसान अब तक नहीं कर सके बिचड़ा तैयार
स्थानीय किसानों का कहना है कि क्षेत्र के करीब 85 प्रतिशत किसानों ने अभी तक धान का बिचड़ा नहीं डाला है. समय पर बिचड़ा नहीं गिरने से धान की रोपाई भी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. इससे खरीफ सीजन की पूरी खेती पर असर पड़ सकता है.
पंपिंग सेट के सहारे खेती बचाने की कोशिश
कुछ लघु और मध्यम वर्गीय किसान पंपिंग सेट के जरिए खेतों में पानी जमा कर बिचड़ा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण मानक गहराई तक जुताई नहीं हो पा रही है. इससे किसानों की लागत बढ़ रही है और उन्हें आर्थिक व शारीरिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
किसान मानसून का कर रहे इंतजार
किसानों का कहना है कि खेतों में धूल उड़ रही है और तेज धूप के बीच बिचड़ा डालना जोखिम भरा साबित हो सकता है. पिछले कुछ वर्षों से सूखे जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे किसान इस बार भी मौसम की बेरुखी से चिंतित हैं. अधिकांश किसान अच्छी बारिश होने के बाद ही बिचड़ा डालने की योजना बना रहे हैं.
18 से 20 जून के बीच सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार बिहार में 18 से 20 जून के बीच मानसून सक्रिय होने की संभावना है. इस पूर्वानुमान से किसानों को कुछ राहत की उम्मीद जगी है. हालांकि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं हुई तो धान की खेती का कैलेंडर प्रभावित हो सकता है.
किसानों ने जताई चिंता
किसान मदन सिंह, चंद्रिका राम, बैजनाथ साह और पशुपति सिंह समेत कई किसानों ने बताया कि धान के बिचड़े के लिए इस समय बारिश बेहद जरूरी है. उनका कहना है कि यदि मौसम ऐसा ही बना रहा तो बिचड़ा गिराने का कार्य और पीछे चला जाएगा, जिसका सीधा असर धान उत्पादन पर पड़ेगा.
सब्जी उत्पादक किसान भी परेशान
केवल धान उत्पादक ही नहीं, बल्कि सब्जी की खेती करने वाले किसान भी भीषण गर्मी और बारिश की कमी से परेशान हैं. नहरों और अन्य जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से घट रहा है. कई जगहों पर नहरें सूखने लगी हैं, जिससे सिंचाई का संकट और गहरा गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी 10 से 15 दिन खरीफ खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. यदि समय पर मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो धान की रोपाई में देरी होगी और इसका असर उत्पादन पर भी दिखाई देगा. फिलहाल किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हुई हैं.
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