Ekma Park: एकमा प्रखंड व अंचल एवं नगर मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सामने नगर पंचायत एकमा बाजार क्षेत्र में वन विभाग की देखरेख में बना पार्क इन दिनों बदहाल है. नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण पार्क परिसर में जगह-जगह बड़े-बड़े घास-फूस और झाड़-झंखाड़ उग आये हैं. इससे पार्क का अधिकांश हिस्सा जंगल में तब्दील होता जा रहा है.
झाड़-झंखाड़ के कारण पार्क में बैठने से कतरा रहे लोग
स्थानीय लोगों के अनुसार पार्क में लगी सीमेंटेड बेंचें बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों के सुबह-शाम बैठने के लिए बनायी गयी हैं. लेकिन साफ-सफाई के अभाव में लोग इनका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं. झाड़-झंखाड़ के कारण पार्क में मच्छरों, कीट-पतंगों और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है.
लोगों का कहना है कि पार्क का निर्माण जिस उद्देश्य से कराया गया था, मौजूदा स्थिति में वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है.
सरकारी काम से आने वाले लोगों को मिल सकती है सुविधा
प्रखंड मुख्यालय में रोजाना दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग सरकारी कार्यों के लिए पहुंचते हैं. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रखंड कार्यालय और अंचल कार्यालय में काम के सिलसिले में आने वाले लोगों को कई बार इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में कार्यालयों के सामने स्थित यह पार्क लोगों के लिए कुछ देर बैठने और आराम करने की बेहतर जगह बन सकता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क की नियमित सफाई कराकर झाड़-झंखाड़ हटाया जाये और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की जाये तो इसका बेहतर इस्तेमाल हो सकता है.
नगर पंचायत ने वन विभाग से मांगा पार्क का हस्तांतरण
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत और संबंधित अधिकारियों से पार्क की तत्काल साफ-सफाई कराने, नियमित रखरखाव की व्यवस्था करने और पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराने की मांग की है.
इस संबंध में नगर पंचायत एकमा बाजार की मुख्य पार्षद श्वेता रानी ने बताया कि यह पार्क वन विभाग के अधीन है. उन्होंने कहा कि प्रखंड मुख्यालय और नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित इस पार्क की समुचित देखरेख के लिए इसे नगर पंचायत एकमा बाजार को हस्तांतरित करने के लिए विभागीय पत्राचार किया गया है.
मुख्य पार्षद ने बताया कि पार्क के हस्तांतरण को लेकर प्रक्रिया विभागीय स्तर पर चल रही है. इसके साथ ही जिलाधिकारी को भी इस संबंध में पत्र भेजने की तैयारी कर ली गयी है.
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