अतरसन में मौत के बाद भी नहीं जागा बिजली विभाग, बंसी छपरा में बांस के सहारे टिका 11 केवी का तार

सारण में बिजली विभाग की लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। हाईटेंशन तार टूटने के बाद कंक्रीट के खंभे की जगह बांस का इस्तेमाल किया गया है। इससे किसानों और मजदूरों के बीच हादसे का डर बना हुआ है।

SARAN News : सारण थाना क्षेत्र में जर्जर बिजली तार और खंभे लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं. अतरसन गांव में खेत में गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से 25 वर्षीय अर्जुन सिंह की मौत के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि रसूलपुर फीडर के बंसी छपरा गांव के समीप बिजली विभाग की लापरवाही का एक और मामला सामने आ गया.

यहां 11 केवी का हाईटेंशन बिजली पोल टूटकर गिर गया. इसके बाद नया पोल लगाने के बजाय विभागीय कर्मियों ने पतले बांस के सहारे तार को टिका दिया. चंवर में 11 हजार वोल्ट का चालू तार बांस के सहारे लटक रहा है. इससे खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों के बीच हादसे का डर बना हुआ है.

अतरसन हादसे के बाद भी नहीं बरती गयी अतिरिक्त सतर्कता

अतरसन गांव में हुए हादसे के बाद उम्मीद थी कि बिजली विभाग खेतों और चंवर से गुजरने वाले बिजली तारों और खंभों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतेगा. लेकिन बंसी छपरा में कंक्रीट का भारी पोल टूटने के बाद की गयी अस्थायी व्यवस्था ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है.

स्थानीय लोगों के अनुसार चंवर में तेज हवा चलने पर बांस के सहारे टिका हाईटेंशन तार कभी भी नीचे गिर सकता है. खेतों में धान का काम चल रहा है और किसान लगातार इस इलाके से होकर गुजर रहे हैं. ऐसे में किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका बनी हुई है.

ग्रामीणों ने अधिकारियों को फोन किया, नहीं मिला जवाब

खतरे को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की. ग्रामीणों का आरोप है कि एकमा ग्रिड के कनीय अभियंता को कई बार फोन कर स्थिति की जानकारी देने की कोशिश की गयी, लेकिन फोन नहीं उठाया गया.

एकमा जेई से संपर्क नहीं होने के बाद ताजपुर फीडर के कनीय अभियंता चंदन कुमार ने विभाग का पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि बांस के सहारे की गयी व्यवस्था स्थायी नहीं है.

खेत में पानी के कारण अस्थायी व्यवस्था का दावा

जेई चंदन कुमार ने कहा कि बिजली आपूर्ति सुचारू रखने और उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने के लिए कुछ समय के लिए यह क्षणिक अस्थायी व्यवस्था की गयी है. उन्होंने बताया कि अभी धान के खेत में ठेउना भर पानी जमा है.

उनके अनुसार पानी जमा होने के कारण वहां नया पोल गाड़ना संभव नहीं है. पोल लोड करने वाली गाड़ी या क्रेन भी मौके तक नहीं पहुंच सकती. जैसे ही स्थिति अनुकूल होगी, टूटे पोल को स्थायी रूप से ठीक कर दिया जाएगा.

ग्रामीण बोले- पानी में करंट फैला तो हो सकती है बड़ी अनहोनी

जेई के इस तर्क से ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं. अतरसन हादसे से सहमे बंसी छपरा के किसानों का कहना है कि बिजली विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए.

ग्रामीणों ने आशंका जतायी कि तेज हवा के झोंके से यदि बांस गिर गया और हाईटेंशन तार पानी में गिरा, तो करंट फैलने से कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है. किसानों ने बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, लापरवाही की जांच कराने और सुरक्षित तरीके से पोल व तार को दुरुस्त कराने की मांग की है.

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By Prabhat khabar news desk

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