Saran News : नगर निगम क्षेत्र के हवाई अड्डा के आसपास के मोहल्ले इन दिनों भारी जलजमाव के कारण टापू में तब्दील हो गए हैं. स्थिति यह है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. कई दिनों से मोहल्ले के बच्चों का स्कूल जाना बंद है, वहीं राशन और अन्य जरूरी सामान लाने में भी लोगों को परेशानी हो रही है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद नगर निगम का कोई अधिकारी अब तक इन मोहल्लों की सुध लेने नहीं पहुंचा है. जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ती जा रही है.
अलग-अलग रास्तों से मोहल्ले में घुसा बाढ़ का पानी
वार्ड संख्या 42 के बड़ा तेलपा में हवाई अड्डा से सटे मोहल्लों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, सदर प्रखंड के पीछे स्थित नाले के रास्ते पानी मोहल्ले में पहुंच रहा है. कई दिनों से पानी आने का सिलसिला जारी रहने के कारण आसपास के कई मोहल्लों में भारी जलजमाव हो गया है.
छपरा हवाई अड्डा से भुतहा ढाला होते हुए नेवाजी टोला चौक की ओर जाने वाली सड़क के आसपास बसे मोहल्लों में भी पानी जमा है. लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आज तक समुचित ड्रेनेज की सुविधा बहाल नहीं हो सकी है.
रेलवे लाइन के पार जाने वाले सभी निकासी मार्ग जाम
स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलवे लाइन के पार पानी की निकासी के जितने भी रास्ते हैं, उनमें से अधिकांश जाम हो चुके हैं. इस कारण मोहल्ले में जमा पानी आगे नहीं निकल पा रहा है. नालों और निकासी मार्गों के अवरुद्ध होने से जलजमाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
पहले सदर प्रखंड के पीछे के नाले से निकलता था पानी
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने पर सदर प्रखंड के पीछे बने नाले के रास्ते पानी की निकासी होती थी. पानी रेलवे लाइन के नीचे से होकर दूसरी तरफ चंवर में चला जाता था. लेकिन नाले का रास्ता कई जगह ब्लॉक होने के कारण अब पानी चंवर की तरफ जाने के बजाय मोहल्ले की ओर आ रहा है.
लोगों का कहना है कि अगर जल्द जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गयी तो जमा पानी लंबे समय तक रह सकता है. इससे गंदगी और दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने तथा संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना हुआ है.
जलजमाव से घरों में कैद हुए लोग
जलजमाव की वजह से मोहल्ले की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गयी है. लोगों का घरों से निकलना मुश्किल है. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बुजुर्गों तथा बीमार लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है..
लोगों की पीड़ा उन्हीं की जुबानी
सुनीता मिश्रा ने कहा कि जिस तरह की स्थिति बन चुकी है, उससे ऐसा लगता है कि वे किसी शहर में नहीं बल्कि टापू में रह रहे हैं. यहां किसी तरह की बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है.
अर्चना प्रताप ने बताया कि कई बार नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गयी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
शशि चंद्र ने कहा कि समय रहते जल निकासी नहीं की गयी तो महामारी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. क्षेत्र में ड्रेनेज की स्थायी व्यवस्था भी होनी चाहिए.
अनामिका कुमारी के अनुसार हवाई अड्डा के आसपास के अधिकांश मोहल्लों में ड्रेनेज की सुविधा नहीं है. जल निकासी की व्यवस्था के लिए अब तक गंभीर प्रयास नहीं किया गया.
दीपक कुमार ने बताया कि करीब 2500 की आबादी वाले इस मोहल्ले की सुध लेने वाला कोई नहीं है. जलजमाव के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और लोग घरों में कैद हैं.
बुधन यादव ने कहा कि कहने को यह नगर निगम क्षेत्र है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं. नाली का पानी और बारिश का पानी मुख्य सड़क पर जमा हो जाता है.
आंकड़ों में मोहल्ले की स्थिति
- 300 से अधिक मकान इस क्षेत्र में.
- 2500 से अधिक आबादी.
- 03 मुख्य सड़कों की जरूरत.
- करीब 02 किलोमीटर नाले की जरूरत.
- 50 स्ट्रीट लाइट की जरूरत.
24 घंटे में जल निकासी का प्रयास : महापौर
छपरा नगर निगम के महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने कहा कि 24 घंटे के अंदर मड पंप के माध्यम से जलजमाव दूर करने का प्रयास किया जाएगा. इसके लिए स्वच्छता पदाधिकारी और सिटी मैनेजर को आदेश दिया गया है.
