छपरा : गर्मी, धूप और तेज हवाओं के बीच जिले में इन दिनों आग लगने की घटनाएं बढ़ गयी हैं. खेत खलिहानों तथा फूस वाले मकानों में आग का खतरा बना हुआ है. ऐसे में जिला अग्निशमन केंद्र सीमित सुविधाओं के साथ ही आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए तत्पर दिख रहा है. छपरा मुख्यालय समेत प्रखंड स्तर पर फायर ब्रिगेड के वाहनों को अलर्ट पर रखा गया है. जिला अग्निशमन केंद्र 24 घंटे सतर्क है.
आग पर काबू पाने के लिए 24 घंटे अलर्ट हैं फायरकर्मी, सीमित सुविधाओं के बीच सेवा देने के लिए तत्पर हैं फायरकर्मी
छपरा : गर्मी, धूप और तेज हवाओं के बीच जिले में इन दिनों आग लगने की घटनाएं बढ़ गयी हैं. खेत खलिहानों तथा फूस वाले मकानों में आग का खतरा बना हुआ है. ऐसे में जिला अग्निशमन केंद्र सीमित सुविधाओं के साथ ही आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए तत्पर दिख रहा है. […]

आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए एक्शन प्लान बनाया गया है. कहीं भी आग लगने की सूचना मिलने पर दो मिनट में फायर स्टेशन पर तैनात अग्निशामक वाहन घटनास्थल पर जाने के लिए तैयार हो जा रहे हैं.
जिले में आवश्यकता के अनुसार अभी संसाधनों का अभाव जरूर है, लेकिन जितनी भी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, उनके साथ ही फायर कर्मी विषम परिस्थिति से निबटने के लिए तैयार हैं. इमरजेंसी में जिला अग्निशमन पदाधिकारी कन्हाई यादव स्वयं वाहन की स्टेयरिंग संभालने के लिए तत्पर हैं.
ट्रेंड कर्मियों की अभी और है जरूरत
जिले में मौजूद फायर ब्रिगेड के वाहनों को चलाने व आपातकालीन स्थित से निबटने के लिए ट्रेंड कर्मियों व चालकों की आवश्यकता है. मुख्यालय में अग्निशमन पदाधिकारी को मिलाकर कुल 15 कर्मी मौजूद हैं.
यहां अभी एक चालक का अभाव है. वहीं लगभग 10 कर्मियों की और जरूरत है. वहीं विभिन्न थानों में मौजूद वाहनों के परिचालन व आग बुझाने के लिए ज्यादातर होमगार्ड ही उपलब्ध रहते हैं. इन पुलिसकर्मियों को अभी काफी ट्रेनिंग की जरूरत है.
ट्रेंड कर्मियों के अभाव में विभिन्न प्रखंडों के जिन थानाें को फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराया गया है, उसके संचालन में कठिनाई होती है थाना प्रभारियों को भी ट्रेंड कर्मियों के अभाव में अग्निशामक के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
हालांकि इन सब समस्याओं के बाद भी फायरकर्मी क्षेत्र में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए तत्पर हैं.
कहां कितने हैं उपलब्ध संसाधन
छपरा सदर
फायर स्टेशन1
अग्निशामक वाहन3
मिनी जीप1
अग्निक सिपाही10
चालक02
सोनपुर
मिनी फायर स्टेशन01
अग्निशामक वाहन02
मिक्स टेक्नोलॉजी वाहन01
फायरकर्मी10
मढ़ौरा
मिनी फायर स्टेशन01
अग्निशामक वाहन02
मिक्स टेक्नोलॉजी वाहन01
फायरकर्मी10
इन थानों में उपलब्ध है अग्निशामक वाहन
मशरक
दिघवारा
पानापुर
तरैया
भेल्दी
अवतारनगर
डोरीगंज
भगवान बाजार
कोपा
दाउदपुर
एकमा
रसूलपुर
बनियापुर
गड़खा
इनकी है अभी और आवश्यकता
ट्रेंड चालक
वाटर ट्रेडर
अग्निशमन वाहन
फायरकर्मी
इन सुविधाओं को बढ़ाना जरूरी
वाहनों में लगाना होगा जीपीएस सिस्टम
इस्तेमाल में लाना होगा जीपीएस युक्त फोन
सूचना तंत्र को करना होगा अपग्रेड
क्या कहते हैं फायर ऑफिसर
गर्मी के दिनों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं. हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिकतर घटनाओं पर समय रहते काबू पा लिया गया है. फायर स्टेशन 24 घंटे अलर्ट पर है. हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. हमारे पास जो भी संसाधन उपलब्ध है, उसी के सहारे हम तत्पर होकर कार्य कर रहे हैं. गांवों में मॉक ड्रिल के माध्यम से जागरूकता भी फैलायी जा रही है.
कन्हाई यादव, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, छपरा
आग से रोकथाम के लिए जारी हुई गाइडलाइन
सुबह 9 बजे के पहले ही बना लें भोजन
भोजन बनाते समय पहनें सूती वस्त्र
खाना बनाने के स्थान पर रखें दो बाल्टी पानी
चूल्हे की राख बुझा कर सुरक्षित स्थान पर रखें
गैस सिलिंडर का नॉब उपयोग के बाद बंद करें
ग्रामीण क्षेत्रों में शीशे का टुकड़ा धूप में न फेकें
घरों में आइएसआइ मार्क वाला बिजली का तार लगाएं
खेत-खलिहान में लालटेन का प्रयोग न करें
जहां थ्रेशर हो, वहां पानी का भी स्टॉक रखें
आग से बचाव को लेकर की गयी है तैयारी
फायर स्टेशन पर मौजूद कर्मी विजय कुमार कंट्रोल रूम इंचार्ज अजीत ने बताया कि आग से बचाव और उसकी रोकथाम को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी तैयारियां की गयी हैं. सदर अनुमंडल समेत विभिन्न प्रखंडों में तैनात फायर ब्रिगेड की वाहनों को अलर्ट पर रखा गया है.
सुबह 9 बजे से ही ग्रामीण इलाकों में संभावित क्षेत्रों के आसपास वाहनों को प्री पोजीशन में खड़ा किया जा रहा है. वहीं पूर्व में जिन जगहों पर आग लगने की घटनाएं हुई हैं उस क्ष्रेत्र में फायरकर्मियों के माध्यम से मॉक ड्रिल चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
फायर ऑफिसर ने बताया कि सभी प्रखंडों में जनप्रतिनिधियों का मोबाइल नंबर फायरकर्मियों को उपलब्ध करा दिया गया है ताकि प्रभावित क्षेत्र में जाने से पहले ही फायरकर्मी वहां के जनप्रतिनिधियों को आग की घटना से अवगत करा दें और पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके.