छपरा : अगर आप होली में बाजार करने शहर आ रहे है तो अपने साथ पर्याप्त कैश लेकर ही आएं. एटीएम के भरोसे यदि आप बाजार आते हैं तो निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा सकता है. छपरा के शहरी क्षेत्र में बाजारों के आसपास लगी अधिकतर एटीएम या तो आउट ऑफ सर्विस हैं या उनमें पर्याप्त कैश नहीं रहने से एटीएम बंद होने का बोर्ड लगा दिया जाता है.
ऐसे में बाजार आने वाले लोगों के लिए एटीएम से कैश निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है. अभी होली में एक सप्ताह का समय है लेकिन बैंकों व एटीएम में अभी से ही कैश के लिए लंबी कतारें लग रही हैं.
गुरुवार को भी शहर के प्रमुख बाजारों में लगी एटीएम के सामने लंबी-लंबी कतारें दिखीं. शहर के साहेबगंज, हथुआ मार्केट, नगरपालिका चौक, मौना, सलेमपुर, गुदरी आदि बाजार में अभी से ही भीड़ बढ़ने लगी है. ऐसे में बैंकों द्वारा यदि एटीएम में पर्याप्त कैश की व्यवस्था नहीं की गयी और खराब पड़ी एटीएम को ठीक नहीं कराया गया तो लोगों को काफी मुश्किलें हो सकती हैं.
डिजिटल ट्रांजेक्शन के प्रति नहीं है जागरूकता
शहर के व्यवसायियों ने डिजिटल पेमेंट लेने की व्यवस्था नोटबंदी के समय अपने प्रतिष्ठानों में शुरू की थी. पेटीएम व एसबीआइ बडी ऐप भी लोगों ने धड़ल्ले से अपने-अपने स्मार्ट फोन में अपलोड किया.
हालांकि जैसे-जैसे स्थित सामान्य हुई और नोटों की उपलब्धता बढ़ने लगी लोगों के साथ व्यवसायियों में जागरूकता का अभाव दिखने लगा. बाजारों में अभी लगभग 80 प्रतिशत कारोबार कैश में ही हो रहा है. दुकानों में लगी पॉस मशीन शोभा की वस्तु बनी हैं.
बाहर से आने वाले लोग डिजिटल पेमेंट की डिमांड करते हैं लेकिन पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिलने के कारण उन्हें एटीएम का चक्कर लगाना पड़ता है. ऐसे में कैश की बढ़ती डिमांड के बीच एटीएम के खस्ता हालात परेशानी का सबब बन गये हैं.
बाहर से आने वाले एटीएम पर ही रहते हैं निर्भर
होली में दूसरे प्रदेशों में रहने वाले जो लोग अपने घर इस त्योहार को सेलिब्रेट करने आते हैं उनके पास एटीएम कार्ड से पैसा निकालना ही एक मात्र विकल्प होता है. ऐसे लोग जब अपने परिजनों के साथ बाजार आते हैं तो उन्हें कैश ढूंढने के लिए शहर की कई एटीएम के चक्कर काटने पड़ते हैं. कई बार तो पर्याप्त कैश नहीं निकल पाने के कारण इन लोगों को आधी-अधूरी मार्केटिंग कर ही घर वापस लौटना पड़ता है.
वहीं छपरा रेलवे जंक्शन और बस स्टैंड के पास भी एटीएम के सुचारु संचालन नहीं होने से त्योहारों में घर आये लोगों को कैश के लिए समस्या उठानी पड़ती है. शहर में रहने वाले लोग या तो बैंक से जाकर कैश निकालते हैं या फिर देर शाम तक एटीएम में भीड़ कम होने का इंतजार करते हैं.
