छपरा(कोर्ट) : कुख्यात अपराधी धर्मेंद्र राय के मीनापुर स्थित दरवाजे पर उसके भाई उपेंद्र राय की गोली मारकर हत्या कर दिये जाने व पिता को गोली से जख्मी करने के मामले में कांड के आइओ ने अपनी गवाही दी.
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय संजय कुमार सिन्हा के न्यायालय में विचारण किये जा रहे सत्रवाद 669/15 में कांड के अनुसंधानकर्ता रामपूजन सिंह को अपर लोक अभियोजक ध्रुवदेव सिंह ने साक्ष्य के लिए कोर्ट में प्रस्तुत किया.
साथ ही उनका मुख्य परीक्षण भी किया. गवाह रामपूजन सिंह जो उस वक्त गड़खा थाने में दारोगा के पद पर कार्यरत थे, ने अपनी गवाही में कहा कि गड़खा थाना कांड संख्या 233/14 का अनुसंधान कार्य उन्हें 25 फरवरी, 2015 को मिला और उन्होंने केवल मृतक के पिता व सूचक रामनाथ राय का बयान दर्ज किया था तथा 22 जुलाई, 2015 को कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित कर दिया था. आइओ का प्रतिपरीक्षण बचाव पक्ष के अधिवक्ता भुनेश्वर शर्मा ने किया.
न्यायालय में आइओ की गवाही होनी थी, को लेकर पुलिस ने कांड के आरोपित नगर थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी कुख्यात अरुण साह उर्फ कालिया तथा रिविलगंज थाने के बैजूटोला निवासी नन्हकी सिंह उर्फ डॉन को भागलपुर केंद्रीय कारा से कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में प्रस्तुत किया.
आइओ की गवाही पूर्ण होने के उपरांत पुलिस दोनो को पुनः कड़ी सुरक्षा में भागलपुर सेंट्रल जेल लेकर चली गयी. ज्ञात हो कि 15 दिसंबर, 2014 को गड़खा थाना क्षेत्र के मीनापुर निवासी उपेंद्र राय को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और उसके पिता रामनाथ राय को जख्मी कर दिया था. इस मामले में जख्मी रामनाथ राय ने अरुण समेत अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
