छपरा (कोर्ट) : दो वर्ष पूर्व न्यायालय परिसर में हुए बम विस्फोट, जिसमें खुशबू नामक युवती समेत अन्य सात लोग जख्मी हो गये थे, के मामले में अभियोजन ने साक्ष्य के लिए पुलिस इंस्पेक्टर को कोर्ट में प्रस्तुत किया. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एकादश धर्मेंद्र कुमार सिंह के न्यायालय में चल रहे उक्त मामले में अपरलोक अभियोजक सुनील चौधरी ने नगर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष रवि कुमार का परीक्षण कर उन्हें साक्ष्य के लिए प्रस्तुत किया. इंस्पेक्टर रवि कुमार जो घटना के वक्त नगर थाने में थानाध्यक्ष के पद पर पदस्थापित थे और उन्होंने स्वयं थाना कांड संख्या 191/16 में प्राथमिकी दर्ज करायी थी,
ने कोर्ट के समक्ष अपनी गवाही दी. अभियोजन की ओर से इंस्पेक्टर की पूर्ण गवाही हो गयी, लेकिन बचाव पक्ष द्वारा प्रति परीक्षण के लिए समय की मांग की गयी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. इस वजह से उनका प्रतिपरीक्षण नहीं हो सका. इसके पूर्व एपीपी सुनील चौधरी ने इस मामले में चल रहे तीन सत्रवाद 251/17 , 408/17 और 581/17 तीनों को संयुक्त रूप से एक सत्रवाद 251/17 किये जाने का आग्रह करते हुए न्यायाधीश को एक आवेदन दिया, जिसे न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया.
अगली तिथि से इस मामले की सुनवाई सत्रवाद 251/17 में की जायेगी. विदित हो कि 18 अप्रैल, 2016 को अवतार नगर थाना क्षेत्र के झौंवा बसंत निवासी खुशबू कुमारी अपने विरोधी की हत्या करने के उद्देश्य से अपने वस्त्र में बम छिपा कर कोर्ट परिसर में आयी थी. वह अपने विरोधी का एसीजेएम अष्टम के न्यायालय के सामने के पोर्टिको में बैठ कर इंतजार कर ही रही थी कि बम अचानक विस्फोट कर गया, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गयी. जबकि अन्य सात लोग आंशिक रूप से जख्मी हो गये थे.
