इसुआपुर : बीआरसी इसुआपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार, लूट-खसोट तथा अव्यवस्था से नाराज प्रखंड प्रमुख मितेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार को मुख्य गेट में ताला जड़ दिया. वे दिन के लगभग 12 बजे बीआरसी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस दौरान बीआरसी बंद पाया गया तथा मुख्य गेट पर ताला लगा था. इसे देख प्रमुख बौखला गये. उन्होंने बीईओ से मोबाइल फोन पर कारण पूछा. इसके जवाब से वे संतुष्ट नहीं हुए और स्वयं मुख्य गेट पर अपना ताला जड़ दिया.
प्रमुख का कहना था कि पिछले एक साल से बीईओ बीआरसी पर नहीं आते हैं. इससे कार्यालय कर्मी मनमाने ढंग से ड्यूटी करते हैं तथा कार्यालय अक्सर बंद रहता है. बीआरसी का कार्य निष्पादन अन्यत्र किसी स्कूल पर बैठकर कर लिया जाता है. जहां शिक्षकों से अवैध वसूली की जाती है. एमडीएम प्रभारी तथा शिक्षकों की मिलीभगत से स्कूल का चावल कालाबाजार में बेंच दिया जाता है. वहीं नियमित शिक्षक होने के बावजूद नियोजित शिक्षकों से चावल का उठाव तथा अन्य वित्तीय कार्य कराये जाते हैं,
जो भ्रष्टाचार का खुला प्रमाण है. इस दौरान बीआरसी परिसर में ही स्थित राजकीय मध्य विद्यालय इसुआपुर का भी निरीक्षण किया गया. हालांकि प्रमुख यहां की शैक्षिक व वित्तीय व्यवस्था से संतुष्ट हुए. वहीं बीईओ लखेंद्र पासवान ने अपने ऊपर लगाये गये आरोपों को गलत बताया. साथ ही कहा कि वे मशरक प्रखंड के भी अतिरिक्त प्रभार में हैं. जहां सोमवार को विभागीय कागजी कार्यों का निष्पादन कर रहे थे.
