सात वर्षों के बाद प्रतिमा को मिला न्याय

लोक अदालत . पौने तीन करोड़ का हुआ समझौता, 96 लाख की हुई वसूली छपरा (कोर्ट) : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ. पति की दुर्घटना में हुई मौत के बाद बीमा कंपनी से दुर्घटना बीमा दावा के लिए सात वर्षों से […]

लोक अदालत . पौने तीन करोड़ का हुआ समझौता, 96 लाख की हुई वसूली

छपरा (कोर्ट) : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ. पति की दुर्घटना में हुई मौत के बाद बीमा कंपनी से दुर्घटना बीमा दावा के लिए सात वर्षों से भटक रही पटना मालसलामी की प्रतिमा को आखिर राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय मिला. शनिवार को आयोजित लोक अदालत में एडीजे षष्टम अंजनी कुमार सिंह के बेंच में उक्त बीमा दावा संख्या 8/11 में बीमा कंपनी ओरियंटल इंश्योरेंस और पीड़िता के बीच सुलह समझौता कराया गया और उसके आधार पर विधवा को 6 लाख 90 हजार रुपये दिये जाने पर सहमति जतायी और दोनों पक्षों द्वारा कागजात पर हस्ताक्षर किये गये.
मामला वर्ष 2010 के 23 नवंबर का है. जब पटना मालसलामी निवासी विमलेश चौधरी अपने संबंधी रिविलगंज के इनई निवासी धर्मनाथ चौधरी की पुत्री के तिलक समारोह में शामिल होने एकमा के परसागढ़ जा रहे थे कि रास्ते में एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी थी और विमलेश की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी. मामला सुलह होने और बड़ी राशि के मिलने से पीड़िता और उसके परिजन काफी खुश दिखे. साथ ही उनलोगों ने भगवान और लोक अदालत को धन्यवाद दिया.
9228 मामलों में 732 मामलों का हुआ निष्पादन
न्यायालय परिसर स्थित न्याय सदन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला जज रमेश तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर अदालत का उद्घाटन किया. मौके पर प्राधिकार की सचिव सरोज कुमारी के साथ ही जिलाधिकारी हरिहर प्रसाद, एसपी हरकिशोर राय, स्थायी लोक अदालत के सदस्य विकास रंजन दत्तुआर और स्टेट बैंक के वरीय अधिकारी आनंद विक्रम उपस्थित थे. उद्घाटन के उपरांत लोक अदालत की कार्यवाही शुरू हुई जिसमें सुलह के लिए आये 9228 मामलों में 732 मामलों का निष्पादन किया गया.
उपरोक्त मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से दो करोड़ 78 लाख, 24 हजार 40 रुपये का समझौता हुआ जिसमें 96 लाख 33 हजार 243 रुपये की वसूली हुई. निष्पादन किये गये मामले में 628 विभिन्न बैंकों के तो 80 मामले न्यायालय और 24 बीएसएनएल के मामले शामिल हैं. बैंकों में सबसे अधिक एसबीआई के 2050 मामले आये, जिसमें 276 मामलों का निष्पादन हुआ और एक करोड़ 23 लाख 98 हजार का समझौता तथा 66 लाख रुपये की वसूली हुई. वहीं दुर्घटना बीमा के 37 लाख 20 हजार का समझौता हुआ. मामले के निष्पादन के लिये 14 बेंच बनाये गये थे.
जिसमें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार गुप्ता, अंजनी कुमार सिंह, ओमप्रकाश पांडेय, वीरेंद्र कुमार मिश्रा और विनोद कुमार मिश्रा के अलावे सीजेएम किशोरी लाल तथा न्यायिक पदाधिकारी उपेंद्र कुमार, धनंजय कुमार मिश्रा, राकेश कुमार, दिव्या शेखर, सुनील कुमार सिंह, राकेश कुमार, राकेश मणि तिवारी और आशीष मिश्रा विभिन्न बेंचों में न्यायिक सदस्य के रूप में थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >