डेढ़ साल पहले हुआ था किशोरी का अपहरण
बेटी के शोक में मां पकड़ चुकी है खाट
डोरीगंज (छपरा) : बीते डेढ़ साल बाद भी अपहृत नाबालिग का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों का विश्वास अब पुलिस प्रशासन से उठ चुका है. मामला मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के माला गांव का है. विगत डेढ़ साल पूर्व 18 अप्रैल, 2016 को छपरा के एक ब्यूटिशियन ट्रेनिंग क्लास को लेकर घर से निकली इंटर की एक छात्रा का अपहरण रास्ते से कर लिया गया. पीड़ित परिजनों के मुताबिक, बहुत कहने सुनने के बाद इस घटना की प्राथमिकी पुलिस के द्वारा दो सप्ताह बाद दर्ज की गयी. बावजूद बेटी की सकुशल बरामदगी की बात तो दूर उसका सुराग पाने में भी अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं जिससे अपहृता के परिजनों का विश्वास भी अब पुलिस प्रशासन से उठ चुका है.
अपहृता के वयोवृद्ध पिता सुरेश मांझी ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से थाने का चक्कर लगा अब हार मान चूके हैं, कहां जाएं और किसके पास, बाबू लोग सुनते भी नहीं, पुलिस चाहती तो इस मामले में नामजद अभियुक्त के घर छापेमारी कर दबाव बना मेरी पुत्री का सुराग पा सकती थी. पिता सुरेश मांझी अपनी स्थानीय बोली में अपनी पीड़ा बताते हुए कहते हैं कि थाना के साहेब सुनल न, दौड़त-दौड़त थाक गइनी, कोई हमार बिटिया के ला द.का जाने बबुनी जिअतारी की मर गइली. यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू टपकने लगते हैं.उन्होंने कहा कि एक बेटा था, जो इस केस की पैरवी में लगातार थाने व बाबुओं के ऑफिस का चक्कर लगाया,अंत में थक हार कर रोजी-रोटी की तलाश में बाहर चला गया. इस घटना के बाद से बेटी की शोक में डूबी पत्नी की हालत अक्सर खराब ही रहती है.
मेरे अलावा कोई देखभाल करने वाला नहीं, मैं कहां और किसके पास जाऊं? गौरतलब है कि माला गांव निवासी सुरेश मांझी की सोलह वर्षीया पुत्री को रास्ते से एक युवक के द्वारा अगवा कर लिये जाने की प्राथमिकी स्थानीय थाने में दर्ज करायी गयी है. इसमें मढ़ौरा थाना क्षेत्र के सरेया बंसत गांव निवासी राजकुमार पासवान के पुत्र सोनू कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया है.
परिजनों के मुताबिक, बेटी के गायब होने के बीते डेढ़ साल बाद भी अभी तक कुछ भी पता नहीं चला. वहीं शोक में डूबी पत्नी की भी हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है. इस संबंध में मुफस्सिल थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद त्वरित कार्रवाई की जा रही है. जल्द ही अपहृता बरामद कर ली जायेगी.
