लॉटरी से हुआ चुनाव. सबसे ज्यादा सदर प्रखंड में 11 लोगों को मिला बालू बेचने का अधिकार
छपरा (सदर) : खान एवं भूतत्व विभाग के निर्देश के आलोक में सोमवार को राजेंद्र स्टेडियम में जिला प्रशासन के पदाधिकारियों ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लघु खनिज( लाल बालू, उजला बालू, गिट्टी, मिट्टी आदि) व्यापार के लिए लाइसेंस हेतु लॉटरी निकाली. इस दौरान जिले के विभिन्न 20 प्रखंडों में एक सौ आवेदकों को लाइसेंस हेतु लॉटरी के माध्यम से चुना गया. वहीं शेष 785 आवेदकों को लॉटरी में निराशा हाथ लगी. इस दौरान पूरे जिले में तीन महिलाओं ने भी लघु खनिज व्यापार हेतु अनुज्ञप्ति पाने में सफलता पायी. इनमें बनियापुर नुजहत नाज, एकमा की आरती देवी तथा गड़खा की कुमारी शिवली सिंह शामिल हैं.
हालांकि खनन विभाग द्वारा जिला पदाधिकारी डीएम हरिहर प्रसाद के निर्देश के आलोक में अचानक सुरक्षा के मद्देनजर लॉटरी स्थल को एकता भवन से बदलकर राजेंद्र स्टेडियम में किये जाने के कारण छपरा पहुंचने पर आवेदको को एकता भवन से पुन: राजेंद्र स्टेडियम में जाना पड़ा. जिसे लेकर भी आवेदकों में चर्चाएं थी.
वहीं कुछ आवेदकों ने लॉटरी निकालने में सेटिंग-गेटिंग के खेल तथा आवेदन को गायब करने की भी शिकायत की है. दाउदपुर के लेजुआर निवासी योगेंदर सिंह ने बताया कि डीएम को 16 नवंबर को डीएम के 16 नवंबर केा जारी किये गये आर-आर नंबर 429 उनका आवेदन जमा हुआ था. परंतु, विभागीय मिलीभगत के कारण मेरा आवेदन ही गायब कर दिया. इसी प्रकार एक अन्य आवेदक शैलेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मांझी प्रखंड के लिए लाइसेंस हेतु आवेदन निबंधित डाक से डीएम को भेजा था.
साथ ही सभी कागजात भी लगाये गये थे. परंतु अचानक खनन पदाधिकारी ने लॉटरी के दौरान कह दिया गया कि चरित्र प्रमाणपत्र नहीं होने की वजह से आपके आवेदन को लॉटरी में शामिल नहीं किया जा रहा है. पूरे मामले में घोर अनियमितता की शिकायत करते हुए पुन: इससे संबंधित पत्र खनन मंत्री, विभाग के प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त सारण तथा जिला पदाधिकारी को देकर मामले की जांच कराने की बात कही है. उधर, लॉटरी निकालने के दायित्व का नेतृत्व कर रहे एडीएम अरुण कुमार ने कहा कि लॉटरी के दौरान पूरी तरह पारदर्शिता बरती गयी है. इसमें किसी भी प्रकार की आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है.
प्रखंड का नाम जिनके नाम की खुली लॉटरी
मांझी आलोक कुमार, महेश कुमार,
जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार,
मनीष कुमार, ब्रजेश कुमार, राहुल कुमार
रिविलगंज मधुसुदन सिंह, जितेंद्र कुमार मिश्रा, रामबिहारी सिंह
दिघवारा विज्येंद्र कुमार राय, संतोष कुमार सिंह, निषांत सिंह
दरियापुर शशिभूषण, दिपक कुमार, अमोद कुमार, हजारी राय,
चंदन कुमार, अजय कुमार, देवनारायण
परसा मनोज कुमार राय, कमलेश कुमार राय, रामपुकार सिंह
मनोकामना कुमार सिंह, अक्षय कुमार सिंह
मकेर रामकुमार, संजय कुमार
अमनौर मदन कुमार सिंह, अविनाष कुमार, राजेंद्र सिंह
नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी, विनोद राय
तरैया कमला प्रसाद, अजय कुमार सिंह, सोनालाल यादव
मशरक दूधनाथ प्रसाद, दिलिप कुमार, बच्चालाल साह
विश्वनाथ कुशवाहा
मढ़ौरा अभिषेक कुमार, पंकज कुमार यादव, संदीप कुमार सिंह,
उपेंद्र कु. सिंह, लालबाबू राय, कोबैब अहमद, अनिल कुमार राय
प्रखंड का नाम जिनके नाम की खुली लॉटरी
छपरा सदर भरत शर्मा, धनंजय कुमार यादव, अमोद कुमार सिंह
पप्पू कुमार, कुणाल कुमार सिंह, मो. सलीम अंसारी,
खरानंद प्रसाद, संतोष कुमार, सत्यदेव प्रसाद, दयाशंकर राय,
नवनीत कुमार यादव,
एकमा सुनील कुमार श्रीवास्तव, ओमप्रकाश सिंह, अरविंद कुमार
हरेंद्र कुमार राय, आरती देवी, मदन तिवारी
पानापुर राकेश कु. सिंह, राकेश कुमार भारती, अशोक कुमार सिंह
इसुआपुर, दीपक कु. सिंह, मनिकांत प्रसाद यादव, आनंद कुमार सिंह,
रणविर कुमार सिंह
बनियापुर छोटेलाल प्रसाद, मुन्ना कुमार, संजय कुमार, नुजहत नाज
नीरज कुमार सिंह, रणजीत कुमार सिंह, राजेंद्र सिंह
जलालपुर संजय कुमार गिरि, उमेश प्रसाद सिंह, अजय कुमार सिंह
राजेश कुमार सिंह
लहलादपुर योगेश राय, योगेंद्र प्रसाद
सोनपुर संतोषी सिंह, शर्मानंद सिंह, अमरजीत राय, हरेंद्र प्रसाद यादव,
अनिल कुमार राय, संतोष कुमार, अमित कुमार सिंह
गड़खा सुरेश राय, हरेकृष्ण साह, राकेश कुमार, उपेंद्र प्रसाद
अब्दुल रहमान, कुमारी शिवली सिंह, जितेंद्र
