झाड़ी में फेंकी गयी नवजात आठ घंटे बाद भी जिंदा मिली
जलालपुर : आज भी बेटियां समाज में उपेक्षा की शिकार हो रही हैं. बेटों की चाहत में बेटियां या तो मां के गर्भ में मारी जा रही हैं या उन्हें जन्म लेने के बाद अक्सर मरणासन्न स्थिति में छोड़ दिया जाता है. ऐसे मामले में आये दिन देखने को मिल रहे हैं. इस बार कुछ ऐसा ही मामला कोपा में देखने को मिला, जहां एक बच्ची को किसी ने झाड़ी में फेंक दिया था. लोग उस मां को कोस रहे थे और यहीं कह रहे थे कि इस बच्ची का ऐसा क्या कुसूर जो इस हालत में झाड़ी में फेंक दिया. जानकारी के मुताबिक, कोपा थाने के अनवल के टोला स्थित गंडक नहर के समीप सुनसान जगह से झाड़ी में एक नवजात बच्ची को किसी ने फेंक दिया था.
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग आठ घंटे पहले बच्ची को मंगलवार की रात को ही फेंका गया था. बुधवार को शाम छह बजे गांव के ही मुन्ना सिंह शौच करने गये, तभी झाड़ी से मासूम के रोने की आवाज आ रही थी. वह डर कर जाने लगे. उसके बाद बच्ची के रोने की आवाज तेज आने लगी. वहां जाकर देखा तो प्लास्टिक की बोरी में से आवाज आ रही थी. उन्होंने जब बोरी खोली तो उसमें बच्ची थी. उसके बाद वहां भीड़ जुटने लगी. इसी गांव के रामजन्म सिंह ने नवजात बच्ची को लेकर अपने घर लाये. जहां डॉक्टर से समुचित इलाज कराकर घर ले गये. इसके बाद से उनके घर में खुशी का माहौल है.
