छपरा: बैंक का खाता व पिन नंबर बताओ नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने के लिये तैयार हो जाओ. इस तरह की धमकी किसी कर्मचारी या व्यवसायी को नही बल्कि जिला के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तेरह छेदी राम को उनके मोबाइल पर मिली है. मोबाइल फोन पर आये इस धमकी से घबराए श्री राम ने स्वयं व परिवार की सुरक्षा को लेकर जिला के पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन देते हुए सुरक्षा की मांग की है.
एसपी को दिये आवेदन में उन्होंने लिखा है कि सोमवार को अज्ञात व्यक्ति ने साढ़े दस बजे उनकी पत्नी के मोबाइल पर फोन किया और बैंक का खाता नंबर मांगा. जिसे देने से इनकार करने पर वह गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और डराते हुए उनके पति का मोबाइल नंबर मांगा. उनकी पत्नी डरकर अपने पति का मोबाइल नंबर दे दी. इसके बाद उसका फोन न्यायिक पदाधिकारी के मोबाइल पर आया, जिसमें उन्हें धमकी देते हुए उनसे बैंक का खाता व पिन नम्बर देने को कहा गया.
जब इन्होंने देने से इंकार किया तो उन्हें भी गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी और फोन को काट दिया. उसके बाद फोन करने वाले ने फिर उनकी पत्नी को फोन पर धमकाते हुए उनसे बैंक का खाता नंबर ले लिया लेकिन पिन नंबर नही मिलने के कारण पुनः न्यायिक पदाधिकारी श्री राम को फोन कर पिन नंबर देने को कहा लेकिन, जब इन्होंने देने से साफ इनकार कर दिया तो पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने व हत्या कराने की धमकी देते हुए फोन को काट दिया.
उसके उपरांत श्री राम ने पूरी बातों से जिला जज को अवगत कराया और उनके आदेश पर उनके ही माध्यम से जिला के एसपी को एक आवेदन दिया है और स्वयं व अपने पूरे परिवार की सुरक्षा की मांग की है. ज्ञात हो कि जिला के लोक अभियोजक सुरेंद्र नाथ सिह बेजोड़ ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर पूर्व में एसपी को एक आवेदन दे चुके है. जिसमें उन्होंने
अपनी सुरक्षा में लगे गार्ड की संख्या बढ़ाये जाने की मांग की है.
बताते चले कि हाल ही में सासाराम के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभुनाथ सिंह जिन्होंने सासाराम के जिला फारेस्ट अधिकारी की हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है उन्हें भी जान से मारने की धमकी मिली है.
