मुजफ्फरपुर से मनोज कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Women Constable Passing Out Parade: बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP)-06, मुजफ्फरपुर परिसर में शनिवार को बुनियादी महिला प्रशिक्षुओं का भव्य दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर पर समस्तीपुर और सिवान जिले की 471 महिला प्रशिक्षुओं ने देश और राज्य की सेवा करने की गोपनीयता एवं कर्तव्यनिष्ठा की शपथ ली. पासिंग आउट परेड के साथ ही उनका 10 महीने का कठोर बुनियादी प्रशिक्षण भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. इस गौरवपूर्ण क्षण को देखने पहुंचे परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं और पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा.
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डीआईजी ने ली परेड की सलामी
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (उत्तरी क्षेत्र) के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सत्यनारायण प्रसाद शामिल हुए. उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की शानदार सलामी ली. अपने संबोधन में उन्होंने सभी महिला प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि बिहार पुलिस में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी महिला सिपाही पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ समाज एवं कानून की रक्षा करेंगी.
10 महीने की कठिन ट्रेनिंग में सीखीं स्मार्ट पुलिसिंग की बारीकियां
महिला प्रशिक्षुओं को 10 महीने के प्रशिक्षण के दौरान पुलिस मैनुअल, भारतीय न्याय संहिता (BNS), ट्रैफिक कंट्रोल, मैप रीडिंग, हथियार संचालन, ड्रिल और दंगा नियंत्रण की विशेष ट्रेनिंग दी गई. इसके अलावा बदलते दौर को देखते हुए स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर अपराधों से निपटने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे फील्ड में हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें.
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देशभक्ति गीतों पर झूमीं महिला सिपाही
दीक्षांत परेड समाप्त होते ही पूरा मैदान उत्सव के माहौल में बदल गया. देशभक्ति गीत बजते ही नई महिला सिपाहियों ने राइफलें लहराते हुए अपनी खुशी का इजहार किया. माता-पिता और परिजन भी इस खुशी में शामिल हो गए. कई भावुक पिता अपनी वर्दीधारी बेटियों को गले लगाकर रो पड़े, जबकि माताओं ने आरती उतारकर और मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया. पूरे परिसर में गर्व, खुशी और देशभक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला.
471 बेटियों ने बढ़ाया बिहार का गौरव
समारोह केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि 471 बेटियों के नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक बना. इन महिला सिपाहियों ने यह संदेश दिया कि समर्पण, अनुशासन और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. परिजनों ने कहा कि आज उनकी बेटियों ने केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और बिहार का नाम रोशन किया है.
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