Samastipur News: विभूतिपुर प्रखंड में राशन कार्डों की जांच के दौरान अब तक 4,820 राशन कार्ड ब्लॉक कर दिए गए हैं. इस कार्रवाई के बाद संबंधित परिवारों को जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों से मिलने वाला मुफ्त अथवा रियायती खाद्यान्न मिलना बंद हो गया है. इससे प्रभावित लाभुकों में चिंता बढ़ गई है.
सरकार के निर्देश पर हो रही जांच
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रंजन कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार राशन कार्डों की स्क्रूटनी (जांच) की जा रही है. जिन राशन कार्डधारकों के बैंक खाते में प्रतिमाह 10 हजार रुपये या उससे अधिक का लेनदेन पाया जा रहा है, उन्हें संपन्न श्रेणी में मानते हुए उनका राशन कार्ड ब्लॉक किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि विभूतिपुर में अब तक 4,820 राशन कार्ड ब्लॉक किए जा चुके हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. आगामी चरणों में भी अपात्र पाए जाने वाले लाभुकों के कार्ड बंद किए जाएंगे.
यह भी पढ़ें: डीएम ने राशन कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा, 15,268 नए कार्ड जारी करने का लक्ष्य
लाभुकों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार छोटे व्यवसाय, पारिवारिक जरूरत या अन्य कारणों से बैंक खाते में अधिक राशि का लेनदेन हो जाता है. केवल इसी आधार पर किसी परिवार को संपन्न मान लेना उचित नहीं है. ऐसे कई परिवार अब खाद्यान्न से वंचित हो गए हैं.
सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाना
प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल वास्तविक और जरूरतमंद गरीब परिवारों तक सरकारी योजना का लाभ पहुंचाना है. इसलिए अपात्र लाभुकों की पहचान कर उनके राशन कार्ड बंद किए जा रहे हैं.
आंदोलन की चेतावनी
दूसरी ओर जनवादी नौजवान सभा ने इस कार्रवाई का विरोध किया है. संगठन के जिलाध्यक्ष महेश कुमार और अंचल सचिव बबलू कुमार ने इसे गरीब विरोधी कदम बताते हुए कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन चलाया जाएगा.
