Samastipur Rape Case: विभूतिपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की 24 वर्षीया युवती के अपहरण, बंधक बनाकर यौन उत्पीड़न, मारपीट और सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराने का मामला सामने आया है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया और विरोध करने पर प्रताड़ित किया. पुलिस द्वारा सुनवाई नहीं किये जाने का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने रोसड़ा स्थित अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में गुहार लगायी. इसके बाद स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
गंडक पुल के पास से युवती को जबरन गाड़ी में बैठाने का आरोप
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता 8 फरवरी 2026 को विभूतिपुर थाना कांड संख्या 333/25 के सिलसिले में अपने वकील से मिलकर घर लौट रही थी. शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच गंडक पुल से पहले सड़क पर एक चार पहिया वाहन उसके पास आकर रुका.
आरोप है कि वाहन से उतरे तीन लोगों ने उसका मुंह दबाकर जबरन गाड़ी में बैठा लिया. इसके बाद उसे एक व्यक्ति के घर ले जाकर कमरे में बंद कर दिया गया.
मुकदमा वापस लेने का बनाया दबाव
पीड़िता के अनुसार, रात करीब 8 बजे आरोपी कमरे में आये. उनके पास वकालतनामा और सादे कागज थे. आरोपियों ने उससे कागजों पर हस्ताक्षर करने और रोसड़ा न्यायालय में चल रहा मुकदमा वापस लेने को कहा. आरोप है कि इनकार करने पर उसे जान से मारकर गंडक नदी में फेंक देने की धमकी दी गयी.
सिगरेट से दागने और दुष्कर्म का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता के हस्ताक्षर करने से इनकार करने पर आरोपियों ने जलती सिगरेट से उसके हाथों को कई जगह दागा और उसके साथ मारपीट की.
पीड़िता का आरोप है कि प्रताड़ित करने के बाद आरोपियों ने जबरन तीन कागजों पर उसके हस्ताक्षर करा लिये. इसके बाद शराब के नशे में उसके साथ अभद्र व्यवहार और दुष्कर्म किया गया.
अगले दिन कमरे से भाग निकली पीड़िता
पीड़िता ने बताया कि आरोपी शराब के नशे में सो गये थे, जबकि वह कमरे में बेहोशी की हालत में पड़ी रही. अगले दिन सुबह किसी तरह मुंह पर बंधा कपड़ा हटाकर और कमरे का दरवाजा खुला मिलने पर वह वहां से भाग निकली. इसके बाद उसने इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल रोसड़ा का रुख किया.
थाने से निराशा के बाद कोर्ट पहुंची पीड़िता
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद वह सबसे पहले विभूतिपुर थाना पहुंची, लेकिन वहां उसका आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया और रोसड़ा थाना जाने को कहा गया.
रोसड़ा थाना पहुंचने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने अंततः रोसड़ा कोर्ट में गुहार लगायी. न्यायालय में शिकायत के बाद स्थानीय थाना में मामला दर्ज किया गया.
पुलिस ने शुरू की जांच
विभूतिपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
