Samastipur News:समस्तीपुर : गणित और विज्ञान को गहराई से समझने के लिए अभ्यास आवश्यक है, क्योंकि अभ्यास से अवधारणात्मक समझ और प्रक्रियात्मक प्रवाह दोनों विकसित होते हैं. अभ्यास के माध्यम से छात्र वैज्ञानिक डेटा और जटिल समस्याओं को समझ पाते हैं, जो गणित की भाषा के रूप में कार्य करती है. नियमित अभ्यास से छात्रों में गणितीय तर्क, महत्वपूर्ण सोच और समस्या-समाधान कौशल विकसित होते हैं, जो उन्हें इन विषयों में निपुण बनाते हैं. अब बच्चे गणित को विज्ञान की तरह समझेंगे. प्रयोग करेंगे और सिद्धांत बनायेंगे या प्रमाण देंगे. गणित और विज्ञान में निपुणता के लिए निरंतर और नियमित अभ्यास महत्वपूर्ण है. बच्चे गणित और विज्ञान की अवधारणाओं को न केवल किताब में पढ़ेंगे, बल्कि उसे विभिन्न परियोजनाओं के तहत अभ्यास कर भी सीखेंगे. परियोजना के माध्यम से बच्चों को अभ्यास करा सिखाने में शिक्षक हस्त पुस्तिका की मदद लेंगे. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् के नेतृत्व और मंत्रा सोशल सर्विसेज के सहयोग से कक्षा 6 से 8 के लिए एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित गणित एवं विज्ञान की पुस्तकों पर आधारित शिक्षक हस्तपुस्तिका विकसित की गई है. इस हस्त पुस्तिका की मदद से प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पद्धति के अंतर्गत गणित और विज्ञान की अवधारणाओं को दैनिक जीवन से जोड़ सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सकता है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय लगुनियां सूर्यकण्ठ के एचएम सौरभ कुमार बताते हैं कि गणित और विज्ञान के शिक्षकों के बीच सतत ज्ञान साझाकरण, शिक्षार्थियों तक सूचना के हस्तांतरण के तरीके को बेहतर बनाने के लिए ऐसे शिक्षकों की क्षमता में सुधार लाने के लिए अनिवार्य है. इस बात की तत्काल आवश्यकता है कि शिक्षकों को गणित और विज्ञान के ज्ञान के हस्तांतरण की अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कैसे सशक्त बनाया जा सकता है ताकि शिक्षार्थियों की इन विषयों में संलग्न होने की क्षमता में सुधार हो सके.
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