समस्तीपुर: पूसा कृषि विश्वविद्यालय में औषधीय मशरूम प्रशिक्षण संपन्न, प्रमाण पत्र पाकर खिले किसानों के चेहरे

Samastipur News: पूसा कृषि विश्वविद्यालय में औषधीय मशरूम पर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ. निदेशक अनुसंधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने धरती की उर्वरता बचाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने और मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया. जानिए पूरी खबर…

समस्तीपुर के पूसा से सुभाष चंद्र कुमार की रिपोर्ट

Samastipur News: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के एडवांस सेंटर ऑफ मशरूम रिसर्च के सभागार में औषधीय मशरूम के उत्पादन एवं प्रसंस्करण विषय पर चल रहा सात दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हो गया. सादे समारोह में प्रशिक्षणार्थियों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण किया गया.

भूमि की उर्वरता बचाना जरूरी 

समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए निदेशक अनुसंधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को रासायनिक उर्वरक से धरती माता को बचाने की जरूरत है. इससे आने वाली पीढ़ी के लिए भूमि की उर्वरकता को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने में कामयाबी मिलेगी. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागी अपने क्षेत्र में पहुंचकर विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करेंगे.

बिना खेत के संभव है मशरूम उत्पादन 

विशिष्ट अतिथि प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. रत्नेश कुमार झा ने कहा कि मशरूम उत्पादन के लिए खेत की आवश्यकता बिल्कुल भी नहीं है. झोपड़ी या घर के अंदर झोला टांगकर मशरूम की विभिन्न प्रजातियों की बेहतर खेती संभव है. बिहार की जलवायु इसके लिए पूरी तरह अनुकूल है. वैज्ञानिकों के अथक प्रयास से अब सालों भर मशरूम उत्पादन संभव हो सका है.

फाइव स्टार होटलों तक पहुंची धमक 

स्वागत भाषण करते हुए मशरूम विशेषज्ञ डॉ. दयाराम ने कहा कि मशरूम उत्पादन ने ‘बिना खेत की खेती’ की कहावत को संपूर्ण देश में चरितार्थ कर दिखाया है. देश के बड़े-बड़े पांच सितारा होटलों की थाली में मशरूम के व्यंजन परोसे जा रहे हैं. कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन केंद्र प्रभारी डॉ. आरपी प्रसाद ने किया. मौके पर विभाग से संबंधित कर्मी मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >