Samastipur News: नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 33 स्थित प्रोफेसर कॉलोनी (गली नंबर एक) के बाशिंदे इन दिनों नारकीय जीवन जीने को विवश हैं. कॉलोनी की मुख्य सड़क पर महीनों से पानी जमा है, जिससे यह सड़क कम और तालाब ज्यादा नजर आ रही है. इसके कारण स्थानीय लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है और आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इस गंभीर स्थिति ने नगर निगम के विकास के दावों की कलई खोलकर रख दी है.
गंदे पानी के बीच छिपे गड्ढे दे रहे हादसों को दावत
जलजमाव के कारण सड़क जगह-जगह से पूरी तरह टूट चुकी है. गंदे पानी के बीच छिपे ये गड्ढे राहगीरों और बाइक सवारों के लिए आए दिन बड़े हादसों को दावत दे रहे हैं. इतना ही नहीं, ड्रेनेज सिस्टम के ऊपर बने कंक्रीट के स्लैब भी जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे राहगीरों के नाले में गिरने का लगातार डर बना रहता है.
आरओबी निर्माण के कारण बंद हुआ जलनिकासी का मार्ग
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कॉलोनी के जलनिकासी का मुख्य मार्ग ताजपुर रोड की ओर बने बड़े नाले से जुड़ा है. लेकिन, ताजपुर रोड में चल रहे आरओबी निर्माण कार्य के कारण यह मुख्य नाला मलबे से पट चुका है. पानी आगे नहीं निकल पाने के कारण वापस बैक मार रहा है. मोहल्ला वासियों का आरोप है कि शिकायत के बाद निगम महज दो-चार मजदूरों को भेजकर नाले की ऊपरी सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करता है. शनिवार को पंपिंग सेट से जल निकासी की गई, लेकिन फिर जलजमाव हो गया. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थाई समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे.
समस्तीपुर से अंकुर की रिपोर्ट
