Samastipur News: नगर निगम की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. नगर निगम की ‘मेयर कैबिनेट’ यानी शक्तिशाली सशक्त स्थायी समिति के गठन को लेकर शनिवार को समाहरणालय स्थित विकास भवन के सभाकक्ष में चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई. इस बेहद कड़े और प्रतिष्ठा के चुनाव में विपक्षी खेमे ने एकजुटता का परिचय देते हुए मेयर गुट का सूपड़ा साफ कर दिया और समिति पर अपना पूरा वर्चस्व कायम कर लिया.
15 पार्षदों ने किया मतदान
प्रशासनिक अधिकारियों की कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित इस चुनाव में नगर निगम के सभी 15 वार्डों के पार्षदों ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इस चुनाव को लेकर सुबह से ही शहर की सरगर्मी तेज थी और प्रशासनिक गलियारे में राजनीतिक हलचल मची रही. दोनों ही खेमों की ओर से अपने-अपने दिग्गजों को जिताने के लिए लगातार गुप्त रणनीतियां बनाई जाती रहीं. वर्तमान मेयर अनिता राम अपने समर्थक पार्षदों के साथ अलग खेमे की कमान संभाले हुए थीं, लेकिन पंततः विपक्षी पार्षदों की एकजुटता और मजबूत व्यूहरचना के आगे मेयर गुट की सारी रणनीति धरी की धरी रह गई.
इन उम्मीदवारों के हाथों में आई नगर निगम की कमान
मतदान के तुरंत बाद शुरू हुई मतगणना में जैसे-जैसे नतीजे सामने आए, विपक्षी खेमे में उत्साह बढ़ता गया. परिणाम घोषित होने के बाद सात सदस्यीय सशक्त स्थायी समिति के लिए निर्वाचित सभी सातों सदस्यों के नामों का आधिकारिक ऐलान किया गया. इस चुनाव में विजयी होकर समिति में जगह बनाने वाले दिग्गजों में:
- वार्ड नंबर 32 की पार्षद ममता कुमारी
- वार्ड नंबर 15 के पार्षद विकास कुमार
- वार्ड नंबर 37 के पार्षद शिवशंभू कुमार
- वार्ड नंबर 14 के पार्षद रंजीत कुमार साह
- वार्ड नंबर 16 के पार्षद चंदन कुमार यादव
- वार्ड नंबर 26 की महिला पार्षद राजिया परवीन
- वार्ड नंबर 12 की पार्षद अर्चना कुमारी शामिल हैं.
निर्वाचित सदस्यों को मिला प्रशस्ति पत्र
मतदान और काउंटिंग की पारदर्शी प्रक्रिया के उपरांत मौके पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह नगर विकास आयुक्त ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को जीत का प्रशस्ति पत्र प्रदान कर आधिकारिक रूप से सम्मानित किया. इस बंपर जीत के बाद विजयी पार्षदों ने इसे किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि समस्तीपुर के सभी वार्ड पार्षदों और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया है. गौरतलब है कि नगर निगम के भीतर होने वाले बड़े विकास कार्यों, नई योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति और महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों को पास करने में सशक्त स्थायी समिति की भूमिका सबसे अहम होती है. ऐसे में विपक्ष के दबदबे वाली इस नई समिति के गठन के बाद अब समस्तीपुर शहरवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में शहर के विकास कार्यों की गति कैसी रहती है.
समस्तीपुर से अंकुर कुमार की रिपोर्ट
