Samastipur News: समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत दादपुर मोहल्ले में शुक्रवार की सुबह हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज़ 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने ही चचेरे भाई की निर्मम हत्या करने वाले मुख्य आरोपी को दबोच लिया है. शनिवार को सदर डीएसपी-1 कार्यालय में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एएसपी (सहायक पुलिस अधीक्षक) संजय पांडेय ने इस खूनी वारदात का आधिकारिक खुलासा किया. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से वारदात के समय पहनी हुई खून से सनी गंजी बरामद की है, साथ ही घटनास्थल से भारी मात्रा में खोखे और पिलेट भी बरामद किए हैं.
एक हाथ विवादित जमीन की दीवार ढहाने को लेकर हुआ था विवाद
एएसपी संजय पांडेय ने बताया कि दादपुर गांव के वार्ड संख्या 08 निवासी भोला राय और उनके सगे भाई शंकर राय के बीच पैतृक संपत्ति की जमीन का बंटवारा हुआ था. इस बंटवारे में दोनों भाइयों के घरों के बीच की महज एक हाथ जमीन को लेकर मामला लंबे समय से उलझा हुआ था. चूंकि इस विवादित जमीन पर भोला राय के घर की दीवार बनी हुई थी, इसलिए शंकर राय का पुत्र गणेश कुमार अपने चाचा भोला राय और चचेरे भाई सूरज कुमार पर उस दीवार को तोड़ने का लगातार दबाव बना रहा था.
भोला राय का 24 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार कोलकाता में रहकर मजदूरी करता था और वह इस घटना से महज़ दो दिन पहले ही अपने घर लौटा था. गुरुवार को उसी एक हाथ विवादित जमीन पर दीवार को ढहाने को लेकर सूरज और उसके चचेरे भाई गणेश के बीच तीखी बहस हुई थी. विवाद बढ़ने पर गुरुवार की शाम गणेश के पिता शंकर राय ने सूरज के घर जाकर उसे अंजाम भुगतने की सीधे तौर पर धमकी दी थी.
सोकर उठते ही चचेरे भाई ने बरसाईं गोलियां
प्रेस वार्ता में दी गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह जैसे ही सूरज सोकर उठा, आरोपी गणेश कुमार दीवार को जबरन ढहाने के लिए घर से निकल पड़ा. इसे देखकर दोनों पक्षों में पहले जमकर गाली-गलौज हुई. इसी बीच आपा खोकर गणेश कुमार अपने घर के भीतर गया और वहां से अवैध पिस्टल लाकर सूरज पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठा और छाती व पेट में गोलियां लगने के कारण सूरज की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के सख्त निर्देश पर तत्काल एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया, जिसमें डीआईयू (DIU) और एफएसएल (FSL) की साइंटिफिक टीम को भी काम पर लगाया गया. मुफस्सिल पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी करते हुए वारदात के 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी गणेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने जब घटनास्थल की जांच की, तो वहां से चली हुई गोली के तीन खोखे और 3 पिलेट बरामद किए गए.
फरार पिता की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज
पुलिस अभिरक्षा में हुई कड़ाई से पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपी गणेश कुमार ने चचेरे भाई की हत्या में अपनी संलिप्तता पूरी तरह स्वीकार कर ली है. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से छिपाई गई उसकी खून से सनी गंजी भी बरामद कर ली है. इधर, इस दुस्साहसिक वारदात के बाद मृतक सूरज कुमार की पत्नी साधना देवी के लिखित आवेदन पर मुफस्सिल थाने में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है, जिसमें शंकर राय (चाचा) और गणेश कुमार (चचेरे भाई) को मुख्य आरोपी बनाया गया है.
एएसपी ने बताया कि कांड का दूसरा प्राथमिक अभियुक्त शंकर राय फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार पुलिसिया दबिश बनाई जा रही है. साथ ही घटना में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए गिरफ्तार आरोपी गणेश को कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मामले का स्पीडी ट्रायल (त्वरित न्यायालय सुनवाई) चलाकर आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाएगी. इस सफल छापेमारी दल में मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत कुमार, दारोगा राजकिशोर राय, दीपशिखा सिन्हा, रोहित कुमार, खुशबू कुमारी और जिला पुलिस बल के सशस्त्र जवान शामिल रहे.
समस्तीपुर से अंकुर कुमार की रिपोर्ट
